पांडुपोल पदयात्रा 25 अगस्त को होगी रवानगी
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल पदयात्रा 25 अगस्त, सोमवार को प्रातः 6 बजे मालाखेड़ा रोड लक्ष्मणगढ़ स्थित इमली वाले हनुमान जी मंदिर से पांडुपोल हनुमान जी की भव्य पदयात्रा रवाना होगी।
समिति के सदस्यों ने बताया कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा पद यात्री स्वयं करेंगे। पदयात्रा में सम्मिलित होकर पुनर्जन करें। समिति के सदस्यों ने बताया कि पांडुपोल हनुमान मंदिर की महिमा निराली है।
पांडुपोल का संबंध महाभारत के महाकाव्य की अवधि से माना जाता है। माना जाता है कि पांडवों ने निर्वासन के दौरान अपने जीवन कुछ साल पांडुपोल में बिताए थे। एक अन्य कथा के अनुसार, यह पांडुपोल वही स्थान है। जहा भगवान हनुमान ने भीम को पराजित कर उसके अभिमान पर अंकुश लगाया। पांडुपोल हनुमान मंदिर के दर्शन एवं घूमने के लिए तीर्थ यात्रियों के साथ-साथ प्रकृति व जीव प्रेमियों के लिए भी अलवर की शानदार जगहों में से एक है।
पांडुपोल हनुमान मंदिर इतिहास 5000 साल पुराना माना जाता है ।पौराणिक कथा के अनुसार भीम ने अपनी गदा से प्रहार किया जिससे पहाड़ मे दरवाजा निकल गया और पहाड़ पर बना दरवाजा ही पांडुपोल हनुमान मंदिर के नाम से स्थापित हो गया। और एक अन्य कथा के अनुसार, यह पांडुपोल वही स्थान था जहा भगवान हनुमान ने भीम को पराजित कर उसके अभिमान पर अंकुश लगाया था।