अलवर के तीन सरकारी डॉक्टर सस्पेंड,RGHS घोटाले में मित्तल हॉस्पिटल के डॉक्टर और कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अलवर (अनिल गुप्ता)
अलवर आरजीएचएस के सुचारू संचालन के लिए चिकित्सा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए विभिन्न गड़बड़ियां करने पर 2 आयुर्वेद एवं 3 एलोपैथी डॉक्टरों एवं 4 कार्मिकों को निलंबित किया है। इनमे अलवर जिला चिकित्सालय अलवर के डॉ. नरसीलाल पचौरी, टीबी सेंटर अलवर के डॉ. कपिल भारद्वाज, सीएचसी बीबीरानी खैरथल-तिजारा की चिकित्सक डॉ. मनीषा, राजकीय आयुर्वेद डीबी सामान्य चिकित्सालय चूरू की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कविता धनखड़ एवं डॉ. पवन जांगिड़, आयुर्वेद औषधालय बालेटा अलवर के कंपाउंडर चंद्रशेखर जाटव, राजकीय आयुर्वेद औषधालय नाहरी का नाका के कंपाउंडर मदन मोहन पाण्डे, कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग जयपुर के परिचारक मोहसिन खान व जल संसाधन विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी महेश कुमार महावर शामिल हैं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रिंसिपल सेकेट्री गायत्री राठौड़ ने बताया कि काफी समय से आरजीएचएस में विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ी की शिकायतें आ रही थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद 9 कार्मिकों को निलंबित किया गया है।
अलवर में आरजीएचएस कार्ड का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने के मामले में पीएचईडी के एक सरकारी कर्मचारी समेत उसके साथी और दवा विक्रेता के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ है। जांच में सामने आया कि एईएन, पीएचईडी कार्यालय उमरैण में कार्यरत हेल्पर किशोरीलाल पुत्र कजोड़ीराम के कार्ड से 26 लाख 70 हजार 233 रुपए का अनुचित लाभ उठाया गया। वित्त विभाग की ओर से आरजीएचएस बिलों की जांच के लिए गठित क्वालिटी कंट्रोल एंड परफॉर्मेंस ऑडिट टीम की जांच में पाया गया कि किशोरीलाल ने योजना के तहत अपने कार्ड का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उसने सेवानिवृत्त कर्मचारी रामोतार गुप्ता व जिला अस्पताल परिसर स्थित राजस्थान पेंशनर्स एसोसिएशन मेडिकल स्टोर के संचालक के साथ गड़बड़ी कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न सिर्फ नगद लेनदेन कराए, बल्कि निजी जरूरतों के लिए भी कार्ड का उपयोग कराया। इससे राजकोष को नुकसान पहुंचा।
विभाग ने किशोरीलाल को ब्याज सहित 32.95 लाख रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया था। रिकॉर्ड के अनुसार, यह गड़बड़ी वर्ष 2023 से 2025 के बीच हुई। कई पर्चियों पर परिवार के चार लोगों के नाम पर एक जैसी महंगी दवाएं लिखकर रकम उठाई गई। यहां तक कि एक निजी अस्पताल से भी कर्मचारी के नाम से पर्चियां बनाई गईं। खुदनपुरी निवासी किशोरीलाल का कहना है कि वह शराब का आदी है और रिटायर्ड सहकर्मी रामोतार इसी मजबूरी का फायदा उठाता था। उसके मुताबिक, रामोतार उसे जिला अस्पताल ले जाकर आर जी एच एस कार्ड और मोबाइल लेकर अंदर चला जाता, जबकि वह बाहर बैठा रहता। लौटते समय नकद रुपए देकर शराब पिला देता। किशोरीलाल ने कोर्ट में भी शिकायत दी थी कि वसूली अकेले उससे न होकर इसमें शामिल रामोतार, मेडिकल स्टोर संचालक और पर्चियां लिखने वाले डॉक्टरों से भी की जाए। अलवर में निलंबित होने वाले डॉ नरसीलाल और डॉ कपिल ने भी किशोरीलाल के कार्ड के आधार पर पर्चियां लिखी थी