गाँव-गांव में पहुँच रही है "मरू प्रकाश पैलिएटिव केयर वाहिनी" ,गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को घर पर ही मिल रही चिकित्सा सुविधा
सिरोही (रमेश सुथार)
सिरोही जिले में असाध्य एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की देखभाल हेतु मरू प्रकाश पैलिएटिव केयर वाहिनी ने आबूरोड ब्लॉक के वासड़ा गांव में स्वास्थ्य जांच की। इस पहल का उद्देश्य ऐसे मरीजों को घर-घर जाकर उपचार और परामर्श उपलब्ध कराना है, जो अस्पताल नहीं पहुँच सकते।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने कहा – “मरू प्रकाश पैलिएटिव केयर वाहिनी सिरोही जिले में गंभीर व असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए आशा की किरण है। जो लोग शारीरिक असमर्थता या आर्थिक कारणों से अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते, उनके घर तक गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील चिकित्सा सेवा पहुँचाना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। हमने निर्देश दिए हैं कि इसमें सिलिकोसिस पीड़ित मरीजों को भी शामिल किया जाए। मुझे विश्वास है कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।”
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (Dy. CMHO) डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा – “इस योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है। सभी ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के गंभीर मरीजों की सूची बनाकर शीघ्र जिला स्तर पर उपलब्ध कराएं। इसी सूची के आधार पर पेलिएटिव केयर की टीम घर-घर जाकर सेवाएं देगी। हमारी प्राथमिकता यह है कि कोई भी मरीज उपेक्षित महसूस न करे और हर जरूरतमंद तक सेवाएं समय पर पहुँचें।
माननीय राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा – “ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच एक बड़ी चुनौती रही है। मरू प्रकाश पैलिएटिव केयर वाहिनी के माध्यम से अब गंभीर व असाध्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को घर पर ही चिकित्सा सुविधा मिलना एक क्रांतिकारी कदम है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। इस योजना के जरिए गरीब और असहाय वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और सुलभ होंगी। यह पहल मुख्यमंत्री के ‘स्वस्थ राजस्थान’ के संकल्प को मजबूत करेगी।”
क्षेत्रीय सांसद लुंबाराम चौधरी ने अपने विचार रखते हुए कहा – “सांसद होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास से जुड़ी हर योजना का लाभ आमजन तक पहुँचे। पेलिएटिव केयर जैसी सेवाओं का गांव-गांव तक पहुँचना एक सराहनीय कदम है। खासकर वे लोग जो लंबे समय से बिस्तर पर हैं और अस्पताल तक पहुँचने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें घर पर ही उपचार मिलना बड़ी राहत है। मैं जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मैं संसद से लेकर गांव तक हर स्तर पर सहयोग करूँगा।”
टीम लीडर अमृत लखारा नर्सिंग ऑफिसर एव कांता संबंधित एएनएम ने घर-घर जाकर मरीजों की जांच की। डॉ. देशबंधु शर्मा ने मरीजों का चिकित्सकीय इतिहास जाना और मनोवैज्ञानिक परामर्श देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, बल्कि जीवन जीने के नए तरीके तलाशने चाहिए।
दिनांक 21 अगस्त को वासडा , आबुरोड में एक मरीज की स्वास्थ्य जाँच की जो एक्सीडेंट से पैरालायसिस थे
दिनांक 22 अगस्त को अजारी, पिण्डवाड़ा में कुल 05 मरीजो की स्वास्थ्य जाँच की जो सिलिकोसिस और पैरालायसिस से ग्रसित थे तथा दिनाक 25 अगस्त को गोयली, सिरोही में 02 मरीजों की जाँच की जो अस्थमा और एनीमिया से ग्रसित थे सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयां, परामर्श और मानसिक संबल प्रदान किया गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और योजना को उपयोगी बताया।
इस दौरान मरीज श्याम सिंह, जो दो वर्ष पूर्व हुए सड़क हादसे के बाद से पैरालिसिस की गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं, के घर जाकर टीम ने विस्तृत स्वास्थ्य जांच की और परामर्श दिया। श्याम सिंह लंबे समय से बिस्तर पर हैं और उनकी स्थिति के कारण वे अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते। मेडिकल टीम के घर पहुँचने से उन्हें न केवल चिकित्सकीय मदद मिली बल्कि मानसिक संबल भी प्राप्त हुआ। परिवार ने बताया कि अब तक उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ता था, परंतु अब चिकित्सा सेवाएं घर पर ही मिलने से उनके लिए यह पहल बड़ी राहत है। टीम को देखकर श्याम सिंह और उनके परिजन भावुक हो गए और इसे “जीवन में नई उम्मीद” बताया।
गांव के उप सरपंच मुकेश सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना ग्रामीण अंचल के मरीजों के लिए वरदान है। जिन परिवारों के सदस्य लंबे समय से असाध्य रोग से पीड़ित हैं और अस्पताल जाने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें अब घर पर ही उपचार और परामर्श मिलना सबसे बड़ी राहत है।”
उन्होंने आगे कहा कि श्याम सिंह को शीघ्र विकलांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि इस प्रकार की टीम समय-समय पर गांव का पुनः भ्रमण करती रहे, ताकि अन्य जरूरतमंद मरीजों तक भी सेवाएं पहुँचती रहें। उप सरपंच ने पूरी टीम और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि “इस योजना से ग्रामीणों में भरोसा और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं, और अब लोग स्वास्थ्य सेवाओं को अपने नजदीक महसूस कर पा रहे हैं।”