10 लक्षण पर्व का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म
लक्ष्मणगढ़ (अलवर)कमलेश जैन
दसलक्षण पर्व का पांचवा दिन 'उत्तम सत्य' धर्म का पालन करता है।आचार्य मुनि श्री ज्ञान भूषण जी महाराज ने अपने प्रवचनों के दौरान कहा कि उत्तम सत्य धर्म हमें जीवन में असत्य का त्याग कर सत्य को अपनाने की शिक्षा देता है। इसका अर्थ है सच्चा, ईमानदार, और निष्ठावान होना, जैन अनुयायी मंदिरों में जाकर भगवान से सत्य बोलने और किसी को आहत न करने के लिए शक्ति मांगते हैं।
दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन
उत्तम सत्य धर्म यह पर्व का पांचवां धर्म है, जिसका अर्थ है सत्य का पालन करना। सत्य का अर्थ सत्य का अर्थ है सच्चा, वास्तविक, प्रामाणिक, ईमानदार, निष्ठावान, और कपटरहित होना। आराधना जैन अनुयायी इस दिन भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनमें सत्य का गुण आ सके और उनके वचन किसी को दुख न पहुंचाएं।
इस पर्व के माध्यम से असत्य को जीवन से निकालकर सत्य को अपनाना सिखाया जाता है। दस लक्षण पर्व आत्मा की शुद्धि के लिए मनाया जाता है और इसमें उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, संयम, शौच, तप, त्याग, अकिंचन्य और ब्रह्मचर्य नामक दस लक्षणों का पालन किया जाता है।