प्रस्तावित धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व परियोजना के विरोध में महा पंचायत एवं रैली का आयोजन
धौलपुर (नाहरसिंह मीना) करौली क्षेत्र के सर्व समाज के लोगों की एवं एक महा पंचायत का कन्हैया पैलेस, सरमथुरा में आयोजन किया गया। इस सभा के आयोजन का मुख्य मुद्दा धौलपुर एवं करौली जिले क्षेत्र में सरकार द्वारा प्रस्तावित धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट का विरोध करना रहा। महा पंचायत में समस्त समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शुरुआत में लोगों ने धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व की रूपरेखा को संक्षिप्त में बताया। समस्त वक्ताओं ने धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के आम लोगों पर दुष्प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि उक्त प्रोजेक्ट के बनने से यहां के गरीब वाशिंदों के जीवन यापन पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यहां के निवासी अपने जीवन यापन के लिए छोटी छोटी कृषि जोत, खेतिहर मजदूर तथा खनन मजदूर के रूप में अपनी आजीविका अर्जित करते है तथा अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे है। उक्त प्रोजेक्ट के कारण उनकी खेती की भूमि को अधिग्रहीत किया जाएगा, पशुओं के चारागाह समाप्त हो जाएंगे, जो उनका मूल पेशा है। ये लोग मूलतः जल, जंगल, जमीन के मालिक है किंतु उन्हें उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से बेदखल किया जा रहा है, जो उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रतिकूल है। धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व से क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा, जो उन्हें मंजूर नहीं है। वे अपनी भूमि को किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं है, यह पूर्वजों की धरोहर है तथा उनके अस्तित्व का सवाल है। सरकार को इस योजना को निरस्त करना ही पड़ेगा क्योंकि यह लोगों के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध है। यदि सरकार, टाइगर रिजर्व को निरस्त नहीं करती तो गांव बचाओ, जमीन बचाओ आंदोलन को तेज गति प्रदान की जाएगी।
दूसरा, धौलपुर करौली क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल करने का मुद्दा भी जोर शोर से उठाया गया। इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पात्र लोगों को पट्टे जारी करने की मांग भी उठाई। महा पंचायत में निर्णय लिया गया कि गांव स्तर पर 11 लोगों की ग्राम संघर्ष समिति बनानी होगी तथा तहसील एवं जिले स्तर पर गांव बचाओ, जमीन बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। सभा के बाद एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जो कन्हैया पैलेस से लेकर एस डी एम कार्यालय, सरमथुरा पहुंची जहां महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल महोदय, राजस्थान सरकार, प्रधानमंत्री , भारत सरकार एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री, भारत सरकार के नाम एस डी एम साहब सरमथुरा के माध्यम से ज्ञापन दिया जिसमें उक्त टाइगर रिजर्व सेंच्युरी को निरस्त करने हेतु निवेदन किया। साथ ही साथ धौलपुर करौली क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।
सभा की अध्यक्षता सीताराम, गेलरी सरपंच ने की। महापंचायत में हजारों लोग उपस्थित हुए जिनमें मोहन सिंह गुर्जर, सुरेश चंद सेन, जिला अध्यक्ष, सेन समाज, डॉक्टर रामस्वरूप, सियाराम मीना, रामेश्वर दयाल खिन्नौट, किशन सिंह सरपंच, रामपति, पूर्व बैंक मैनेजर, जगदीश रावत, अचल सिंह गुर्जर, द्वारिका ठेकेदार, रामस्वरूप फग़ना, रतिराम बिझौली, भुट्टो खान, वचन सिंह सरपंच, रवि सरपंच, वीरेंद्र मौर्य, जवानसिंह, मोहचा, मोहन, पितुपुरा, ढूंढी गुर्जर, सुआलाल, प्रधान प्रतिनिधि, संजय कुमार जाटव, विधायक, गुरप्रीतसिंह सांगा, जयपुर, लोकेश फोगाट, रवि सोनद, दीपक बालियन, महावीर गुर्जर, अजय दिगोड़ी पत्रकार बंधु, मनरूप मीना, अजय, वचन सिंह तथा सभी समाजों के हजारों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन मोहनसिंह गुर्जर, जगदीश रावत, काँसोटीखेड़ा ने किया।
अंत में, सभापति के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ महा पंचायत तथा रैली का समापन किया गया इस आगाज के साथ कि आंदोलन को भविष्य में अधिक गति दी जाएगी।