स्कीम-10 की भूमि आरबीएम एक्सटेंशन के लिए आरक्षित रखे
भरतपुर (विष्णु मित्तल) आर.बी.एम चिकित्सालय से सटी भरतपुर विकास प्राधिकरण (बी.डी.ए) की स्कीम 10 की भूमि को भविष्य में नये विभागों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों के आवास निर्माण के आरक्षित रखी जायें । भूमि आरक्षित करने के लिए समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री को अलग-अलग पत्र लिख कर मांग की है कि चिकित्सालय के भावी विस्तार के लिए भूमि आरक्षित की जाये क्योंकि इस भूमि के अलावा आसपास कोई भूमि उपलब्ध नही है।
गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गये पत्र में कहा है कि मेडीकल कॉलेज के अधिकांश चिकित्सा विशेषज्ञ मेडीकल कॉलेज भवन परिसर में निवास करते है। आपात स्थिति में उन्हे चिकित्सालय तक आने में काफी समय लग जाता है और हो सकता है गंभीर रोगी की और हालत विगड़ जाये। इसके अलावा वर्तमान चिकित्सालय भवन मे आगे चलकर नवीन विभाग खोले जाने है, जिसके लिए भूमि की आवश्यकता होगी। तब इन्हे दूसरे स्थान पर ले जाने से रोगियों को काफी परेशानी होगी।
पत्र में यह भी कहा है कि भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए जनाना ,बालरोग व नेत्र रोग चिकित्सालयों को भी आर.बी.एम के नवीन भवन में स्थनान्तरित किया जा सकता है तब आर.बी.एम का नवीन भवन भी छोटा पड़ जायेगा | यदि स्कीम-10 की भूमि आरक्षित नही की गई तो जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय की तरह बहुमंजली इमारतें बनाने को मजबूर होना पड़ेगा। जो रोगियों व चिकित्सा कर्मियों के लिए कष्टप्रद स्थिति बन सकती है। इस स्कीम की भूमि को आर.बी.एम चिकित्सालय के विस्तार के लिए आरक्षित रखने के लिए पूर्ववर्ती सरकार निर्णय भी कर चुकी थी । समय रहते भूमि आरक्षित नही कि गई तो बी.डी.ए इसे नीलाम कर देगी क्योंकि इस भूमि पर बी.डी.ए ने सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।