बघेरी खुर्द में निकाली गई राम परिवार सहित रावण पक्ष की भव्य झांकियां
कोटकासिम (संजय बागड़ी)
क्षेत्र के बघेरी खुर्द गांव में वर्षों से चली आ रही रामलीला मंचन की परम्परा आज भी कायम हे। हां पहले की अपेक्षा आज रामलीला मंचन में आधुनिक ड्रेस,लाइट,साउंड,आकर्षक हथियारों के साथ साथ ही डिजिटल आर्केस्ट्रा आदि का प्रयोग इसे ओर अधिक आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लोग रात को भारी भीड़ के साथ रामलीला देखने के लिए आते है।
दशहरे पर हुआ राम रावण युद्ध,असत्य पर सत्य की हुई विजय,आमजन ने पूरा जोर लगाकर जय श्री राम के लगाए जयकारे
दशहरे के दिन श्री रामचरितमानस प्रचारिणी समिति द्वारा राम, लक्ष्मण,सीता माता,हनुमान आदि की एक झांकी निकाली तो वहीं दूसरी तरफ रावण मेघनाथ और कुंभकर्ण की झांकी भी निकाली गई। मैदान में पहुंचकर आम जनता को राम रावण में भीषण युद्ध का दृश्य देखने को मिला। अंत में इस युद्ध में रावण धराशाही हो गया ओर सत्य यानी भगवान राम की विजय हुई। मरते मरते रावण ने भगवान राम ओर लक्ष्मण को ज्ञान की कुछ गहरी बातें बताई जिनको सुन भगवान मंद मंद मुस्काए और खुद महशुष करने लगे कि आज ऐसे ज्ञानि व्यक्तित्व का मेरे द्वारा अंत किया गया जिसके जैसा न कोई पहले था और न ही भविष्य में कोई ऐसा होगा।
राम,लक्ष्मण,अंगद,हनुमान ने रावण को युद्ध के मैदान में चारों तरफ से घेरा तो बज उठी तालियां
रामलीला के दौरान जब खुले मैदान में भगवान राम,लक्ष्मण,अंगद,हनुमान ने अपनी सेना के साथ मिलकर जब रावण को युद्ध के मैदान में चारों तरफ से घेर लिया तो तालियां बज उठी। रामलीला का समापन समारोह भी आयोजित किया गया जिससे पूर्व सभी कलाकारों को अतिथियों के हाथों सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित भी किया गया। यह जानकारी रामलीला के डायरेक्टर एवं रावण का किरदार निभा रहे व्याख्याता वीरपाल पोसवाल ने दी।


