गरीब परिवार की बालिकाओं को किए वस्त्र भेंट:विद्यालय पोशाक पाकर खिल उठे बालिकाओं के चेहरे
अंता (शफीक मंसूरी) उपखंड क्षेत्र के सिंधपुरी ओर पाटुंडा गांवो के बीच घने जंगल में टपरी बना कर रह रहे एक गरीब परिवार की बालिकाओं को समाजसेवी संजय बागड़ी एवं उनकी पत्नी ने वस्त्र भेंट किए।
सिंधपुरी से पाटुंदा गांवों के बीच पेट्रोल पंप के पास पड़ने वाले जंगल में एक गरीब परिवार झोंपड़ी बनाकर रहता हे। जिसकी दो बालिकाएं पढ़ने जाती हे। इन बालिकाओं के पास विद्यालय गणवेश नहीं थी। इसको देखते हुए खैरथल तिजारा के हरसौली क्षेत्र के रहने वाले समाजसेवी संजय बागड़ी ने दोनों बालिकाओं को दो शर्ट, घघरी,दो सूट,दो सलवार,दो दो जोड़ी अंडर गारमेंट्स, चुनियां,फ्रूट ओर कुछ नगद धनराशि प्रदान कर सहयोग किया। आपको बता दें बागड़ी स्वयं मीडिया जगत से जुड़े हुए हैं तो वहीं उनकी पत्नी संगीता बागड़ी मांडपुर गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में विशेष शिक्षक के पद पर कार्यरत है। सभी ने इस नेक कार्य की प्रशंसा की है।
घने जंगल के बीच लाइट पानी के अभाव में जीने को मजबूर परिवार की बालिकाओं को मिला सहारा
अंता से सीसवाली रोड पर सिंधपुरी के पास स्थित घने जंगलों के बीच रहने वाले इस परिवार में 5 लड़कियां और एक लड़का अपने माता पिता के साथ जंगल में रहते हैं। इसी परिवार के पास घर के नाम पर सिर्फ एक झोंपड़ी,कोई लाइट नहीं,कोई पंखा नहीं। घर से काफी दूर स्थित एक हैंडपंप से पीने व कपड़े धोने के लिए पानी लाते हे। खुले में शौच ओर नहाना,रात को मच्छरों से बचने के लिए चुन्नी ओढ़कर सोने जैसी समस्याओं से जूझ रहे इस परिवार की बालिकाओं को सहारा मिला तो उनके चेहरे खिल उठे।


