श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में राजा परीक्षित को श्रृंगी द्वारा दिए गए श्राप तथा श्राप से मुक्ति पाने के लिए श्री सुखदेव जी महाराज द्वारा राजा परीक्षित को श्राप से मुक्ति का बताया विधान
वैर (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) लधुकाशी के नाम से विख्यात एवं श्री श्री १००८ श्री बाबा मनोहर दास जी महाराज की तपोस्थली कस्बा वैर के भरतपुर दरवाजा स्थित अभि मैरिज होम पर माया देवी मिश्र द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को कथा के दूसरे दिन वृन्दावन धाम से आए कथा वाचक पं.लोकेश लवानिया जी ने राजा परिक्षत को श्रृंगी द्वारा दिये गये श्राप तथा श्राप से मुक्ति पाने के लिए श्री सुखदेव जी महाराज द्वारा राजा परीक्षत को श्राप से मुक्ति का विधान बताया गया। इस अवसर पर कपिल मुनि तथा माता देवहूति के संवाद की रोचक कथा सुनाई गयी। कथा में विदुरानी के घर जाकर भगवान् श्री कृष्ण द्वारा केले के छिलके खाये जाने का सारगर्भित प्रसंग सुनाया गया भगवान् के प्रसंग को सुनकर पाण्डाल में उपस्थित लोगों को भक्ति रस में भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर राधा मिश्र,मायादेवी मिश्र, मीनाक्षी शर्मा प्रवीण मिश्र, कृतेश मिश्र,बृजेश मिश्र,मनोज चरौरा, राजेश कटारा, लोकेश चरौरा, नरेंद्र सैनी, निर्मल सैनी, ओमप्रकाश सैनी (कल्ला) रामभरोसी सैनी, नवीन रावत, उदित रावत, जतिन चरौरा,गुड्डन मिश्र, छुट्टन मिश्र,कविता मिश्र, जीतू मिश्र, मुनमुन मिश्र, पूनम मिश्र, बुलबुल मिश्र, हेमन्त जैन, अभिषेक सैनी, कुणाल मिश्र, कुशल मिश्र, लव मिश्र, यशमिश्र, शौर्य मिश्र, सिद्दिमिश्र, राजश्री मिश्र, ओजल मिश्र सहित काफी लोग उपस्थित थे।