कट्टे से डराकर नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास
अलवर (अनिल गुप्ता) विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम संख्या-4, अलवर हिंमाकनी गौड ने दण्डादेश पारित करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व ₹62,500 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशान्त यादव ने बताया कि प्रकरण में पीड़िता ने दिनांक 27/09/2023 को एक रिपोर्ट कोटकासिम थाने में इस आशय की पेश की थी कि उसी के गांव का एक व्यक्ति दिनाँक 28 अक्टूबर 2022 को रात के करीब 12 बजे दीवार फांदकर उसके घर घुस आया और देशी कट्टे से उसे तथा उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। उसके बाद भी जब वह कॉलेज जाती तो कई बार उसे कट्टे से डराकर जबरन बस से उतार लेता और होटल में ले जाकर जबरन बलात्कार करता। दिनाँक 25 सितंबर 2023 को फिर से उसे जबरन बस से उतार लिया और उसे कट्टे की नोक पर डरा धमकाकर होटल ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया तथा अश्लील वीडियो व फोटो बना ली। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधानाधिकारी नन्दलाल द्वारा प्रकरण के सभी तत्थों का गहन एवं विस्तृत अनुसंधान किया गया। आरोपी के खिलाफ दर्ज 6 अन्य गम्भीर आपराधिक मुकदमों का भी रिकार्ड मिला। सम्पूर्ण अनुसंधान के पश्चात आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से 20 गवाहों को परीक्षित तथा 32 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया गया। न्यायालय द्वारा सभी पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के उपरांत मुलजिम को पीड़िता के साथ दुष्कर्म के अपराध में दोषसिद्ध मानते हुए यह सजा सुनाई है। न्यायालय द्वारा सजा के बिंदु पर विशेष टिप्पणी के करते हुए लेखबद्ध किया कि अभियुक्त की आपराधिक प्रवृत्ति, अपराध घोर अमानवीय प्रकृति का होने, पीड़िता की कोमल आयु तथा समाज पर इसके गंभीर प्रभाव को देखते हुए यह न्यायालय यह मानता है कि समाज में बालिकाओं की सुरक्षा और न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा देना ही न्यायसंगत है। पीड़िता को 2 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाये जाने कि भी न्यायालय द्वारा अनुशंषा की गई है।