गोविंदगढ़ में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर निकली रैली: सीबीईओ बोले- राष्ट्र गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा
अलवर के गोविन्दगढ़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, रामबास में गुरुवार को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक रैली का आयोजन किया गया।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्वजीत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए 'वंदे मातरम्' को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बताया, जिसने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया।
इस रैली में सैकड़ों छात्र-छात्राएं तिरंगा झंडा, 'वंदे मातरम्' के बैनर और देशभक्ति नारों के साथ शामिल हुए। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं और नगरवासियों में देशभक्ति की भावना जगाना और राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना था।
रैली रामबास के प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। पूरे मार्ग में विद्यार्थियों ने 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'जय हिन्द' जैसे देशभक्ति नारे लगाए।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य मनोज कुमार बाली ने 'वंदे मातरम्' गीत के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था और बाद में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
इस अवसर पर ACBEO अकबर खान, नवीन पांडे, तरुण कुमार, गुमान सिंह (जेईएन समसा), पीटीआई मोतीलाल मीणा, नरेन्द्र कुमार मीणा, दीपक सैन, अजीराम भलाई, पप्पीबाई, जसराइल खान, नरेन्द्र गुप्ता, योगेन्द्र द्विवेदी, शिव चरण यादव सहित विद्यालय और CBEO कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन कर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

