जनगणना-2027: अब डिजिटल होगी देश की गिनती; जिला कलेक्टर ने तैयारियों को लेकर दिए सख्त निर्देश
दो चरणों में होगी जनगणना: अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य एक माह की अवधि में मकान सूचीकरण और फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना
प्रशासनिक इकाइयों और नक्शों के सत्यापन के लिए एक दिवसीय शिविर आयोजित
खैरथल (हीरालाल भूरानी) देश में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में नगर परिषद सभागार में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रशासनिक इकाइयों की सूची एवं नक्शों के सत्यापन हेतु एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना का कार्य राष्ट्रहित में अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नक्शों और सीमाओं का किया गया सत्यापन
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 2011 के बाद सीमाओं में हुए परिवर्तनों, नवगठित नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के नक्शों का बारीकी से सत्यापन किया जाए।
डिजिटल और पेपरलेस होगी पूरी प्रक्रिया
जनगणना कार्य निदेशालय, ग्रह मंत्रालय, भारत सरकार से आई टीम सहायक निदेशक महेश कुमार, दिनेश रैगर सांख्यिकीय अधिकारी सचिन कुमार, नम्रता जैन द्वारा बताया गया कि जनगणना-2011 की तुलना में आगामी जनगणना हाई-टेक होगी। इस बार डेटा संकलन के लिए पेपर अनुसूची की जगह मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी होगी।
प्रथम चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य एक माह की अवधि में मकान सूचीकरण और आवास गणना की जाएगी।
द्वितीय चरण: फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य होगा।
- आमजन से मांगी जाएंगी 33 प्रकार की जानकारियां
बैठक में बताया गया कि इस बार प्रश्नावली में समय के साथ बदलाव किए गए हैं। नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे:
खान-पान: परिवार मुख्य रूप से कौन सा अनाज (गेहूं, चावल, बाजरा, मक्का आदि) खाता है।
संसाधन: घर में इंटरनेट, लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्टफोन जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
जीवन स्तर: वाहन (कार, जीप, बाइक), घर का निर्माण (छत/दीवार/फर्श), पेयजल स्रोत, शौचालय और रसोई में ईंधन के प्रकार की जानकारी भी ली जाएगी।

