आंकेडी सरपंच तोलाराम मीणा का परिवार दहशत मे नरेश मीणा के समर्थकों से जान का खतरा
नरेश मीणा व उसके साथियों द्वारा ग्राम आंकेडी में तोलाराम मीणा के आवास पर की गई घटना के आरोपियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिऐ ज्ञापन दिया
अंता (शफीक मंसूरी ) हाल ही में सम्पन्न अन्ता विधानसभा के उप चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा द्वारा 20 दिसम्बर, 2025 शनिवार को अपने साथियों सहित अन्ता विधानसभा के ग्राम आंकेडी में सरपंच तोलाराम मीणा के निजी आवास पर जानलेवा हमले व आगजनी, तोड़-फोड़ की गम्भीर घटना कारित की गई। अंता विधानसभा उप चुनाव के दौरान तोलाराम मीणा पर निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा द्वारा अपने पक्ष में काम करने हेतु दबाव बनाया गया था किन्तु तोलाराम मीणा ने नरेश मीणा का समर्थन नहीं कर अपनी विचारधारा अनुसार कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में काम किया, जिसको लेकर नरेश मीणा ने चुनाव के दौरान ही सार्वजनिक रूप से तोलाराम मीणा को चुनाव के बाद देख लेने की धमकी दी थी जिसका विडियो संलग्न है। 20 दिसम्बर, 2025 को ग्राम आंकेड़ी में नरेश मीणा द्वारा कारित यह घटना उसकी उसी धमकी की क्रियान्विति है। इस प्रकार नरेश मीणा ने एक साजिश के तहत अपने साथियों सहित इस घटना को अंजाम दिया है, ताकि कांग्रेस पार्टी के अन्य जिम्मेदार कार्यकर्ता इन लोगों की इस गुंडागर्दी से डर कर भविष्य में अपनी इच्छानुसार काम नही कर सकें।
इस घटना को अंजाम देने के लिए नरेश मीणा ने 20 दिसम्बर, 2025 को ग्राम आंकेड़ी जाना तय किया और अपनी इस विजिट को सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों से उकसाने वाली भाषा में इस तरह खूब प्रचारित करवाया ताकि उसका यह आंकेड़ी आगमन तोलाराम मीणा के परिवार को चैलेन्ज के रूप में दर्शित हो। अपने पिता के अपमान की वजह से तोलाराम मीणा के पुत्र की नरेश मीणा से उस दिन गांव में कहा-सुनी हो गई। नरेश मीणा इसी अवसर की तलाश में था जिसने इस कहा-सुनी और मामूली झडप को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत किया तथा मौके से ही अपने साथियों को फोन कर गांव आंकेड़ी बुला लिया। चूंकि यह घटना पूर्व नियोजित थी इसलिए चंद क्षणों में ही नरेश मीणा के करीब 100-150 गुंडे गांव आंकेड़ी पहुंच गए, जिन्होनें नरेश मीणा के नेतृत्व में तोलाराम मीणा के आवास पर जान-माल का भारी नुकसान करने के आशय से मकान में घुसकर तोलाराम की और तोलाराम मीणा की कार को आग लगा दी जिससे कार पूरी तरह जलकर राख हो गई तथा अन्य सम्पत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा। तोलाराम मीणा और उनके परिजनों ने इधर-उधर छुपकर अपनी जान बचाई वरना उनको भी जान से हाथ धोना पड़ता।
घटना के तुरन्त बाद नरेश मीणा अपने बचाव में हमेशा की तरह अपने इन साथियों सहित एसपी ऑफिस आकर धरने पर बैठ गया, जिसकी दबाव की यह राजनीति बारां पुलिस अधीक्षक की लचर कार्यशैली की वजह से सफल रही और जिला पुलिस अधीक्षक ने श्री तोलाराम मीणा के पीड़ित परिवार को राहत देने के बजाय उनके विरूद्ध ही प्राणघातक हमले सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर श्री तोलाराम मीणा सहित उनके परिवार के 7 व्यक्तियों को थाने पर डिटेन कर लिया। अगले दिन शान्ति भंग में उनकी जमानत हो जाने के बावजूद उनको अवैध रूप से थाने पर डिटेन किए रखा तथा उनके विरूद्ध नरेश मीणा द्वारा दर्ज करवाए झूठे प्रकरण में उन्हें गिरफ्तार करने की तुरफ-फुरत में पूरी तैयारी कर ली गई, जबकि घटना करने वाले वास्तविक अपराधी नरेश मीणा एवं उसके उपद्रवी साथियों के विरूद्ध मात्र मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही के नाम पर पुलिस ने इतिश्री कर ली। नरेश मीणा व उसके सभी अपराधी साथी इस दौरान धरने पर पुलिस की मौजूदगी में उपस्थित रहें लेकिन जिला पुलिस ने नरेश मीणा की गुण्डई और धरना संस्कृति के दबाव में इन आपराधिक तत्वों को गुण्डागर्दी के लिए खुला छोड़ दिया तथा दोषी होते हुए भी पुलिस द्वारा इन बलवाईयों की कोई गिरफ्तारी नही की गई। जिला पुलिस की इस लचर और नकारात्मक कार्यशैली से इन अपराधी तत्वों का हौसला इतना बढ़ गया कि घटना के बाद भी नरेश मीणा के पिता द्वारा श्री तोलाराम मीणा को खुले तौर पर सोशल मीडिया पर पुनः धमकी दी गई जिसका स्क्रीनशॉट संलग्न है। जिला पुलिस का यह नकारात्मक और कायरतापूर्ण रवैया बेहद ही खेदजनक है, जिसके चलते अपराधियों का हौसला लगातार बढ़ रहा है एवं जिला पुलिस की यह कार्यशैली
“आम-जन में डर, अपराधियों में विश्वास' के रूप में परिलक्षित हुई है।
अतः इस ज्ञापन के माध्यम से न्यायहित और कानून व्यवस्था मांग कि जिला बारां पुलिस की कार्यशैली को दुरूस्त कराते हुए ग्राम आंकेड़ी में तोलाराम मीणा के निजी आवास पर हुई इस घटना के नरेश मीणा सहित सभी आरोपियों को 7 दिवस में गिरफ्तार करवाने की कार्यवाही करावें एवं तोलाराम मीणा व उसके परिवार के लोगों के विरूद्ध दर्ज झूठे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाकर तद्नुसार विधिसंगत कार्यवाही सुनिश्चित कराने की कृपा करें। नरेश मीणा व उसके सभी आरोपी साथियों की गिरफ्तारी 7 दिवस में नही होने पर जिले भर में बड़ा आन्दोलन किया जावेगा, जिसका नेतृत्व प्रदेश भर के वरिष्ठ नेता करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।