बुलंदशहर गैंगरेप कांड: 8 साल बाद आया फैसला, सभी 5 दोषियों को उम्रकैद
बुलंदशहर: (शशि जायसवाल) उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर साल 2016 में हुए रूह कंपा देने वाले सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट के मामले में सोमवार को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 28 जुलाई 2016 की रात की है। नोएडा में रहने वाला एक परिवार कार से शाहजहांपुर स्थित अपने पैतृक गांव जा रहा था। जैसे ही उनकी गाड़ी देहात कोतवाली क्षेत्र के दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास पहुँची, बदमाशों ने चलती कार पर लोहे की कोई वस्तु फेंककर उसे रुकवा लिया।
बंधक और दरिंदगी: कार रुकते ही बदमाशों ने परिवार के सभी 6 सदस्यों (जिसमें पुरुष, महिलाएं और एक किशोरी शामिल थी) को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया।
खेतों में ले जाकर वारदात: आरोपी पूरे परिवार को कार सहित सड़क किनारे खेतों में ले गए। वहाँ पुरुषों के हाथ-पांव बांध दिए गए और फिर 14 वर्षीय किशोरी व उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
लूटपाट: दरिंदगी के बाद बदमाशों ने परिवार के पास मौजूद नकदी और जेवरात भी लूट लिए थे।
अदालत का फैसला और प्रतिक्रिया :सीबीआई और सरकारी अधिवक्ताओं की दलीलों व पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को इस जघन्य अपराध का दोषी माना।
कड़ी सजा की मांग: पीड़ित परिवार ने अदालत से दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सभी को उम्रकैद की सजा से दंडित किया।
दोषियों का दावा: सजा का ऐलान होने के बाद भी कटघरे में खड़े दोषियों ने खुद को बेकसूर बताया और कहा कि उन्हें गलत फंसाया गया है। इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, भले ही न्याय मिलने में समय लगा हो।

