ममता बनर्जी की सरकार द्वारा साधु-संतों पर किये अत्याचार पर संतों में आक्रोश, पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाये - धर्म रक्षा संघ
वृंदावन, (विष्णु मित्तल) धर्म रक्षा संघ की एक धर्म गोष्ठी हनुमान टेकरी आश्रम वृन्दावन में महंत दशरथ दास महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई।धर्म गोष्ठी में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के द्वारा साधु-संतों और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के शांति प्रिय प्रदर्शन पर बर्बरता पूर्वक किये गये लाठीचार्ज वं अत्याचार पर आक्रोश व्यक्त किया गया।
धर्म रक्षा संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि बांग्लादेश की तरह ही पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी सरकार द्वारा साधु-संतों और हिंदुओं पर घोर अत्याचार किया जा रहा है अब ऐसी सरकार को शासन में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्होंने प्रधानमंत्री जी से प्रार्थना की है कि जल्द से जल्द पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत दोषी पुलिस कर्मियों को कठोर सजा दी जाए।धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश महाराज ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल को देखकर ऐसा लगता है कि यह भी बांग्लादेश का एक हिस्सा हो चुका है जो अत्याचार बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर किया जा रहे हैं इस प्रकार के अत्याचार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शांतिप्रिय प्रदर्शन कर रहे साधु संतों और हिंदुओं पर कर रही है ऐसी सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।महंत दशरथ दास महाराज ने कहा कि जिस प्रकार कल शांतिप्रिय प्रदर्शन करने वाले साधु-संतों के ऊपर ममता बनर्जी सरकार ने लाठी चार्ज किया है यह कृत्य घोर निंदनीय है साधु-संतों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा आने वाले चुनाव में ममता बनर्जी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय महासचिव महंत अतुल कृष्ण दास महाराज ने कहा कि यदि ममता बनर्जी का शासन पश्चिम बंगाल में कुछ दिन और रहा तो वहां बांग्लादेश से भी ज्यादा अत्याचार हिंदुओं के ऊपर किया जाएगा पश्चिम बंगाल में सरकार की शह पर न सिर्फ पुलिस बल्कि वहां के विधर्मी खुलेआम हिन्दुओं पर बर्बरता और अत्याचार करते हैं।धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री जी को बांग्लादेश को सबक सिखाने के लिए तुरन्त सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए।धर्म गोष्ठी में महंत देवानंद वनमहाराज, महंत अतुलकृष्ण दास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी डा.आदित्यानंद, महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी रामदास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी परमेश्वर दास त्यागी महाराज, श्रीदास प्रजापति, आचार्य ज्ञानेश महाराज, अजय शर्मा, बृजकिशोर पचौरी, अमरेश पुंडीर, विनीत द्विवेदी आदि उपस्थित थे।