अरावली को मौत की सजा और अपने मुनाफे के लिए प्रकृति का सौदा स्वीकार नहीं - पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा
अरावली आंधी को रोकती हैं इसके बिना स्थिति डरावनी होगी - पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
अरावली संकट की जद में हिमालय पर भी मंडराएगा खतरा - नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
अलवर (राजस्थान) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को घुटनों के बाल आना पड़ेगा तीन काले कानून जो किसानों के लिए बनाए गए थे उसी तरह अरावली का काला कानून भी जनहित में वापस लेने के लिए कांग्रेस हर संभव लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं को पनपाने का काम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिंह बोले सामाजिक संस्थाएं, आम आदमी और प्रत्येक वर्ग इस जन आंदोलन से जुड़कर निष्पक्ष तौर पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के खनन माफिया का नाश का नारा देते हुए कहा कि जीवन रेखा को किसी भी सूरत में समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के धंधे के लिए आम जनता का जीवन खतरे में नहीं डाल सकते।
उन्होंने कहा कि पहले CTH फिर अरावली को टारगेट के खिलाफ कांग्रेस और आम आदमी ने बिगुल बजा दिया है। उन्होंने कहा कि गूंगी, बहरी, निकम्मी सरकार के खिलाफ यह तो शुरुआत है अंजाम अभी बाकी है।
भर्तृहरि बाबा की जय के साथ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अरावली बचाओ पैदल मार्च के दौरान कहा कि चौकीदार चोर है।
उन्होंने कहा कि अरावली मां का सौदा करने वालों को भर्तृहरि बाबा का श्राप लगेगा।
जूली बोले 6 माह पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई कि खनन माफिया 5 करोड़ की रिश्वत मांग रहे हैं यही शिकायत सीबीआई, सीआईडी और एसीडी को दी गई लेकिन 5 माह में जांच तक नहीं की गई यह अरावली का सीना छलनी करने की साजिश है