राजस्थान में जनगणना 2027 के लिए तैयारियां शुरू, लोगों से ली जाएंगी 33 जानकारी

Jan 2, 2026 - 12:50
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राजस्थान में जनगणना 2027 के लिए तैयारियां शुरू, लोगों से ली जाएंगी 33 जानकारी

जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान में जनगणना 2027 के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए जनगणना का प्री-टेस्ट अगले महीने से शुरू होगा। जनगणना कार्य निदेशालय राजस्थान के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि जनगणना कार्य निदेशालय राजस्थान द्वारा जनगणना 2027 हेतु पूर्व परीक्षण का कार्य शुरू किया गया। प्रथम चरण के परीक्षण में लीड प्रशिक्षक निदेशालय केअधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके बाद राज्य के तीन जिलो जयपुर, डूंगरपुर, बाड़मेर के चयनित चार्ज में जाकर जनगणना प्री टेस्ट किया जाएगा।इसके लिए आवश्यक क्षेत्र कार्य परीक्षण HLO ऐप, डिजिटल टूल्स के परीक्षण विशेष रूप से जियो मैपिंग कार्य हेतु जिलों के चयनित पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य करेंगे।

लोगों से कुल 33 जानकारियां ली जाएंगी
इस बार जनगणना में लोगों से कुल 33 जानकारियां ली जाएंगी. इसमें नाम, भवन नम्बर जैसी सामान्य जानकारियों के अलावा कई महत्वपूर्ण सवाल होंगे। इस बार समय के हिसाब से जनगणना के प्रश्नों में बदलाव किया गया है। 2011 की जनगणना में नागरिकों से 29 प्रकार की जानकारियां ली गई थी।
इस बार लोगों से इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं? इंटरनेट सुविधा है या नहीं? क्या लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल स्मार्टफोन या कोई दूसरी डिवाइस यूज करते हैं? इस तरह के सवाल भी पूछे जाएंगे। इसके साथ ही लोग घर पर चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का या इसके अलावा कौनसा मुख्य अनाज खाते हैं यह भी पूछा जाएगा। 
ये सवाल भी होंगे 
पेयजल का मुख्य स्रोत, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, नाली खुली है या पैक, खाना पकाने के लिए किस ईंधन का प्रयोग होता है। घर में शौचालय और परिवार के इस्तेमाल के लिए प्रयाग शौचालय है या नहीं ये सवाल भी होगा। इसके साथ ही लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि वे एससी एसटी या अन्य किस वर्ग से आते हैं। उनके घर में सदस्यों के रहने के लिए कुल कितने कमरे हैं? घर में कार, जीप, मोटरसाइकिल, साइकिल क्या वाहन उपलब्ध है। ये तमाम जानकारियां ली जाएंगी. वहीं मकान में छत, दीवार और फर्श किससे बनी है यह जानकारी भी इकठ्ठा की जायेगी।
इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी
इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जबकि 2011 में इसके लिए ICR तकनीक का उपयोग किया गया था. स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों के जरिये जानकारी एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी हो सके। इसके लिए विशेष ऐप बनाए गए है, जो प्रगणकों व अन्य अधिकारियों के काम को आसान करेंगे. 2011 की जनगणना में 2,875 धर्म और मत-संप्रदाय तथा 6,661 मातृभाषाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था और  व्यक्ति से 29 प्रकार की जानकारी ली गई थी। इस बार प्रश्नों में बदलाव किए जाने की संभावना है।

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