भरतपुर (विष्णु मित्तल) भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आरबीएम चिकित्सालय के विस्तारीकरण के लिए आवंटित 25 हजार वर्ग मीटर भूमि मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द करने हेतु समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि यह भूमि चिकित्सालय विस्तारीकरण के लिए नहीं सौंपी गई तो आम लोगों को आसानी से सुलभ होने वाली चिकित्सा सेवाओं का सपना अधूरा रह जायेगा।
गुप्ता ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि वे भाजपा की राजस्थान सरकार पर दबाव बनाकर सर्वजन हिताय से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार के बाद स्कीम-10 में आवंटित भूमि पर कब्जा दिलवायें अन्यथा प्राधिकरण इस भूमि को नीलामी के माध्यम से बेच देगा। उन्होंने यह भी कहा है कि आरबीएम चिकित्सालय भरतपुर संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय है जिसमें संभाग के जिलों के अलावा पडौसी उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश राज्यों के रोगी उपचार के लिए आते हैं। अभी यह चिकित्सालय दो भागों में चल रहा है। पुराना जनाना चिकित्सालय में महिला, शिशु, नेत्र चिकित्सा विभाग संचालित हैं। आगे चलकर जब जनाना चिकित्सालय के विभाग आरबीएम में आ जायेंगे और नवीन विभाग खुलेंगे तो निश्चय ही वर्तमान चिकित्सालय भवन छोटा पड़ जायेगा।
पत्र में कहा है कि अभी तक मेडिकल कॉलेज के आचार्य, सहआचार्य, सुपर स्पेशलिस्ट व पैरामेडिकल स्टाफ के क्वार्टर चिकित्सालय परिसर में नहीं बने हैं। अधिकांश आचार्य व सहआचार्य मेडिकल कॉलेज परिसर में रहते हैं। दुर्घटना की आपात स्थिति में मेडिकल कॉलेज से चिकित्सालय तक पहुँचने में इन्हें काफी समय लग जाता है जिससे कुछ मामलों में रोगियों की मौत हो जाती है। इस भूमि के अलावा आसपास कोई सरकारी भूमि भी नहीं है जिसका उपयोग चिकित्सा विस्तारीकरण में किया जा सके। उन्होंने पत्र में यह भी आग्रह किया है कि चिकित्सालय को आवंटित इस भूमि को मेडिकल कॉलेज को सौंपने के लिए कई बार मंत्री एवं अधिकारियों को पत्र भी लिखे जा चुके हैं।
ज्ञातव्य रहे कि यूआईटी ने 14 जून 2021 को हुई न्यास मंडल की बैठक में 25 हजार वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क आरबीएम चिकित्सालय को आवंटित करने का निर्णय लिया है। जिसकी सूचना न्यास ने 31 दिसम्बर 2021 को पत्र द्वारा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को पत्र के माध्यम से दे दी थी। किन्तु न्यास जो वर्तमान में भरतपुर विकास प्राधिकरण में कमोन्नत हो गया है इस आवंटित भूमि आवंटन से मुकर रहा है।