अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली से नाराज ग्रामीण: बोले- समस्या बताने पर थमाया नोटिस, SDM को सीएम ने नाम दिया ज्ञापन
नगरपालिका क्षेत्र के भोलावास, नादनखेड़ा और मढ़ेलावास के ग्रामीणों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने ईओ पर भेदभावपूर्ण रवैए का आरोप लगाया है।
- वार्डों के साथ भेदभाव का आरोप
ज्ञापन में बताया गया है कि वार्ड नंबर 2 और 8 में अल्पसंख्यक समुदाय की बहुल आबादी है। आरोप है कि नगरपालिका प्रशासन जानबूझकर इन वार्डों के साथ भेदभाव कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कस्बे में दिवाली से पहले बिजली व्यवस्था शुरू हो गई थी, लेकिन इन वार्डों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई।
सफाई व्यवस्था के लिए 80 लाख रुपए का ठेका छोड़ा गया था, लेकिन इन वार्डों में आज तक कोई सफाईकर्मी टीम तैनात नहीं की गई। जब अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपनी समस्या लेकर अधिशासी अधिकारी राजकुमार के पास पहुंचे, तो उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसे जनहित की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में सवाल उठाया है कि करदाता, नागरिक और मतदाता होने के बावजूद उन्हें अंधेरे और सफाई से क्यों वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने इस कृत्य को अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है।
ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था का विशेष सामाजिक ऑडिट कराने, वार्ड नंबर 2 और 8 में तुरंत स्ट्रीट लाइट और नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उन्होंने अधिशासी अधिकारी राजकुमार की भूमिका की निष्पक्ष जांच और जारी किए गए नोटिस को रद्द करने की भी मांग की है।
- ग्रामीणों ने दी चेतावनी
उन्होंने संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अल्पसंख्यक आयोग और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।