पहाड़ी नगरपालिका में गंदगी-कीचड़ से बुरा हाल, लोग परेशान: 80 लाख के ठेके के बावजूद सफाई नहीं; ईओ बोले- सड़कों का टेंडर हुआ
पहाड़ी नगरपालिका क्षेत्र में 80 लाख रुपये के सफाई ठेके के बावजूद गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। इससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कस्बे के मुख्य मार्ग से सटे गुर्जर मोहल्ले और लोधा राजपूत मोहल्ले में कीचड़ व गंदे पानी का भराव देखा जा सकता है। स्थिति यह है कि पैदल राहगीरों के लिए इन रास्तों से गुजरना असंभव हो गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि 80 लाख रुपये का सफाई ठेका होने के बावजूद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था नदारद है। उनका कहना है कि नगरपालिका द्वारा किए जाने वाले सफाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जब नगरपालिका प्रबंधन से इस संबंध में बात की जाती है, तो अधिकारी यह कहकर जवाब देते हैं कि इन रास्तों का टेंडर हो चुका है। हालांकि, लोगों का कहना है कि टेंडर केवल सड़कों के नवीनीकरण का हुआ है, न कि गंदगी और गंदे पानी के भराव को हटाने का। लोगों का आरोप है कि इन गली-मोहल्लों में दिनोंदिन बढ़ती गंदगी के कारण निकलना मुश्किल हो गया है। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
इसी तरह का मामला भोलावास, नांदनखेड़ा और मंडेला वास में भी सामने आया है। जब इन क्षेत्रों के निवासियों ने अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को अपनी गंदगी और सफाई व्यवस्था की समस्या बताई, तो उन्हें नोटिस थमा दिया गया। इसके बाद, इन निवासियों ने ईओ के कथित भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
इस संबंध में, अधिशाषी अधिकारी (ईओ) राजकुमार ने बताया कि सफाई के लिए निर्देश दे दिए गए हैं और सफाई का कार्य चल रहा है। जहां पानी भरा हुआ है, उसे निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों के जिन कार्यों का टेंडर हो चुका है, वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की वजह से रुके हुए थे और जल्द ही शुरू होंगे।


