मंदिर के दानपात्र से फैक्ट्री की तिजोरी तक... कुसाराम गैंग का आतंक खत्म, पाली पुलिस ने दबोचे अंतर्राज्यीय नकबजनी गिरोह के तीन शातिर

Jan 14, 2026 - 09:50
Jan 14, 2026 - 09:56
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मंदिर के दानपात्र से फैक्ट्री की तिजोरी तक... कुसाराम गैंग का आतंक खत्म, पाली पुलिस ने दबोचे अंतर्राज्यीय नकबजनी गिरोह के तीन शातिर

तखतगढ़/सुमेरपुर (पाली) बरकत खा। पाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय नकबजनी गिरोह 'कुसाराम गैंग' के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग न केवल भगवान के दरबार को निशाना बनाता था, बल्कि बड़ी फैक्ट्रियों और शोरूम के ताले तोड़ने में भी माहिर था। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) आदर्श सिधू के निर्देशन में सुमेरपुर थाना पुलिस ने इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर क्षेत्र में हो रही चोरी की वारदातों पर 'फुल स्टॉप' लगा दिया है।

वारदात का सिलसिला: आस्था और व्यापार दोनों पर था निशाना

इस गैंग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने पिछले कुछ महीनों में सुमेरपुर और आस-पास के इलाकों में दहशत फैला रखी थी:

  • 10 जनवरी 2026: जाखानगर स्थित 'विधाता वुड्स फैक्ट्री' का ताला तोड़कर i20 स्पोर्ट्स कार और ड्रॉवर से 46,000 रुपये की नकदी पार की।

  • 19 अक्टूबर 2025: जाखामाता रिको स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी मंदिर में नकबजनी कर दानपात्र और वहां खड़ी मोटरसाइकिल चोरी की।

पुलिस की 'स्पेशल टीम' और सटीक रणनीति

वारदातों की गंभीरता को देखते हुए ASP चैनसिंह महेचा और DSP जितेन्द्र सिंह के सुपरविजन में सुमेरपुर थानाधिकारी रविन्द्र सिंह खींची के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने पारंपरिक मुखबिर तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अंततः कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और कुसाराम गैंग के सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल

पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है:

  1. भरत गरासिया (21): निवासी भीमाणा (नाणा, पाली)।

  2. कुसाराम गरासिया (21): निवासी बेकरिया (उदयपुर) - गिरोह का मुख्य सूत्रधार।

  3. भंवरलाल गरासिया (23): निवासी नाणा (पाली)।

"मुलजिमों ने पूछताछ में पाली के अलावा सिरोही और उदयपुर जिलों में भी दर्जनों चोरी की वारदातें कबूल की हैं। वर्तमान में इनसे चोरी का माल और वाहनों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।"पुलिस प्रशासन, पाली


तरीका-ए-वारदात: पहले रेकी, फिर आधी रात को धावा

गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये दिन के समय सूनसान मकानों, कारखानों और मंदिरों की रेकी करते थे। रात के सन्नाटे में ये लोग औजारों के साथ धाबा बोलते और कीमती सामान व वाहनों को लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। चोरी की गई मोटरसाइकिलों का उपयोग अक्सर अगली वारदात को अंजाम देने में करते थे।

इनकी रही मुख्य भूमिका (गठित टीम):-

इस सफल ऑपरेशन में सुमेरपुर थानाधिकारी रविन्द्र सिंह खींची के साथ मातादीन मीणा, दिलीप सिंह, छोटू सिंह, आसूराम, भरत कुमार, नरेन्द्र सिंह और अनिल कुमार की अहम भूमिका रही। नाणा थाने से तेज सिंह, प्रदीप सिंह, सेठूराम और राजवीर सिंह ने भी विशेष सहयोग दिया।


अगला कदम:- पुलिस अब इस गिरोह के अन्य गुर्गों और चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवर्स की तलाश में दबिश दे रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कई अन्य बड़ी चोरियों का खुलासा होगा।

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