एसआईआर पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अागामी चुनावाें में अंतिम सूची का उपयोग नहीं करना प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न- मेवाड़ा

Jan 16, 2026 - 13:48
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एसआईआर पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अागामी चुनावाें में अंतिम सूची का उपयोग नहीं करना प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न- मेवाड़ा

तखतगढ़ (बरकत खान) सुमेरपुर बीएलओ पर दबाव बनाकर अनैतिक तरीके से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने तथा इसका विरोध करने वाले बीएलओ को स्थानांतरण की धमकियां देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन 2023 के कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा के नेतृत्व में उपखंड निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम कालूराम के माध्यम से दिया गया। ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नेपालसिंह पावा, नगर उपाध्यक्ष शैतान कुमार, नासिर खान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नेता विपक्ष के आरोपों का हवाला
ज्ञापन में बताया कि नेता विपक्ष राहुल गांधी समय-समय पर निर्वाचन प्रक्रिया में वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं। हरिशंकर मेवाड़ा ने दावा किया कि सुमेरपुर उपखंड में भी इसी तरह की स्थिति सामने आ रही है, जहां सत्ताधारी दल के दबाव में एसआईआर के बाद जारी प्रथम ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

एसआईआर के आंकड़े रखे सामने
हरिशंकर मेवाड़ा ने बताया कि सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र (121) में कुल 342 बूथ हैं। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 28 अक्टूबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक फॉर्म-6 के तहत 7031, फॉर्म-7 के तहत 322 और फॉर्म-8 के तहत 1835 आवेदन प्राप्त हुए। प्रक्रिया के दौरान विधानसभा क्षेत्र में कुल 29 हजार 93 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।

आपत्तियों की बाढ़, बिना नोटिस नाम हटाने का आरोप
मेवाड़ा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने और प्रथम ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद भी प्रत्येक बूथ पर 30 से 75 मतदाताओं के नाम काटने के लिए आपत्ति फॉर्म स्वीकार किए जा रहे हैं। यह स्थिति आमजन की समझ से परे है और भाजपा व निर्वाचन अमले की मिलीभगत की ओर इशारा करती है। आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के विरुद्ध आपत्तियां दी जा रही हैं, उन्हें बिना नोटिस जारी किए और उनका पक्ष सुने बिना ही नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार पहले भौतिक सत्यापन, फिर नोटिस व सुनवाई आवश्यक है।

बीएलओ पर दबाव और तबादले की धमकी
मेवाडा ने कहा कि कई बीएलओ ने अनौपचारिक रूप से बताया कि उन पर गलत भौतिक रिपोर्ट देने का दबाव बनाया जा रहा है। निर्देश दिए जा रहे हैं कि आपत्ति आते ही नाम काट दिए जाएं और विरोध होने पर पिछली तारीख में नोटिस दिखा दिए जाएं। आदेश नहीं मानने पर दूरदराज क्षेत्रों में तबादले की धमकियां भी दी जा रही हैं। साथ ही आरोप है कि बीएलओ केवल एक दल के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं, जबकि सभी दलों के बीएलए-2 से चर्चा अनिवार्य है।

पुरानी मतदाता सूची पर सवाल, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में आगामी नगर निकाय व पंचायती राज चुनावों के लिए जनवरी 2025 की मतदाता सूची को आधार बनाने पर आपत्ति जताई गई। मेवाड़ा ने कहा कि एसआईआर पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी उसकी अंतिम सूची का उपयोग नहीं करना प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उपखंड निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट तलब की जाए। मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन और राजस्थान हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी गई।

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