पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई नेता सुभाष चन्द्र बोस की जयंती
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर, वैर में दिनांक 23 जनवरी 2026, को सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती धूमधाम से मनाई । विद्यालय के भैया बहिनों ने वैर कस्बे में कदम से कदम मिलाकर पथ संचलन किया। बच्चे पथ संचलन में जय घोष करते हुए सीना तानकर चल रहे थे। मुख्य अतिथि मल्लसिंह (व्यवस्थापक आदर्श विद्या मन्दिर समिति भरतपुर) ने अपने उद्बोधन में कहा " 23 जनवरी का दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस हमें उनके अद्वितीय साहस, संघर्ष और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी निष्ठा को याद करने का अवसर प्रदान करता है। पराक्रम दिवस हमें यही सिखाता है कि "कोई भी बलिदान छोटा नहीं होता और हमें अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा और साहस के साथ काम करना चाहिए।" देश नेताजी की निडरता और वीरता को सलाम करता है। ये दिन साहस, संकल्प और देशभक्ति के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है साथ ही हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष, बलिदान और एकता देश की मजबूती और समृद्धि के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर विद्या मन्दिर के भैया नेताजी सुभाषचंद्र बोस के प्रतिरूप में अश्व पर सवार थे। पथ संचलन भरतपुर दरवाजा स्थित विद्या मन्दिर प्रांगण से प्रारम्भ होकर पुरानी अनाज मण्डी,बिचपुरी पट्टी,नया बस स्टैण्ड,बाबा मनोहर दास जी मन्दिर,अग्रवाल धर्मशाला,चाँदनी चौक,लाल चौक होते हुए विद्या मन्दिर में सम्पन्न हुआ। संचलन के दौरान कस्बेवासियों के द्वारा जगह-जगह तोरण द्वार बनाकर ,पुष्प वर्षा कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अभिनंदन कर उन्हें नमन किया ।
इस दिवस पर घमण्डी लाल मीणा (व्यवस्थापक उपसमिति वैर), मनमोहन शर्मा (अध्यक्ष उपसमिति वैर),दीनदयाल शर्मा, परशुराम ,डॉ.किशनलाल कथूरिया,गोरधन प्रसाद शर्मा (प्रधानाचार्य), विद्या मन्दिर के समस्त आचार्य-आचार्या एवं भैया-बहिन उपस्थित रहे।