गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर दिखा 'मिनी इंडिया', संस्कृति और शौर्य का अनूठा संगम
नई दिल्ली: (शशि जायसवाल) 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर भारत की सांस्कृतिक विविधता और बढ़ती शक्ति का भव्य प्रदर्शन हुआ। इस वर्ष की झांकियों ने न केवल अध्यात्म और आधुनिकता को जोड़ा, बल्कि देश के वीर नायकों की गाथा को भी जीवंत कर दिया।
- "प्रमुख झांकियों की झलक:
महाराष्ट्र: गणेशोत्सव की धूम
महाराष्ट्र की झांकी ने इस बार दर्शकों का मन मोह लिया। झांकी में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष के साथ महाराष्ट्र के पारंपरिक गणेशोत्सव का अद्भुत नजारा पेश किया गया, जो राज्य की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश: सनातन संस्कृति का जयघोष
अध्यात्म की धरती उत्तर प्रदेश की झांकी में 'सनातन संस्कृति' का भव्य रूप देखने को मिला। झांकी के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास और भक्ति मार्ग को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
छत्तीसगढ़: आदिवासी वीरता और डिजिटल इंडिया
छत्तीसगढ़ की झांकी 'स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्' थीम पर आधारित रही। इसमें भारत के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक दिखी, जो उन आदिवासी नायकों को समर्पित है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लोहा लिया था।
आयुष मंत्रालय: स्वस्थ भारत का संदेश
आयुष मंत्रालय की झांकी ने 'योग और आयुर्वेद' के महत्व को बताते हुए कर्तव्य पथ पर मार्च किया, जो विश्व को भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति की ताकत का संदेश देती है।
कर्तव्य पथ पर उमड़ा जनसैलाब और झांकियों के जरिए दिखाई गई विरासत यह बताती है कि भारत अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ एक आधुनिक राष्ट्र है।"
सोशल मीडिया अपडेट्स:
- महाराष्ट्र: गणेशोत्सव का अद्भुत नजारा।
- यूपी: अध्यात्म और सनातन का संगम।
- छत्तीसगढ़: शहीद आदिवासी वीरों को डिजिटल श्रद्धांजलि।
- आयुष: स्वास्थ्य और परंपरा का तालमेल।