गोविंदगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह को पकड़ा: भैंस खरीदने के बहाने दिन में करते थे गांव में रेकी, रात को करते थे चोरी
अलवर जिले के गोविंदगढ़ पुलिस ने पशु चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 40 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिकअप गाड़ी बरामद की गई है। यह गिरोह चोरी के बाद व्हाट्सएप पर 'लाइव लोकेशन' भेजकर वाहन बुलाता था।
- दिन में करते थे रेकी, रात में चोरी
थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया- गिरफ्तार आरोपी इरशाद (27) और साकिर (32) डीग के गदड़वास निवासी हैं। ये बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। दिन में ये लोग पशु खरीदने के बहाने गांवों में घूमकर उन घरों की रेकी करते थे, जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी।
- दूसरे राज्यों में बेचते थे चोरी की गई भैंसें
चोरी की वारदात के दौरान गिरोह के 4-5 सदस्य गांव के बाहर उतर जाते थे, जबकि ड्राइवर गाड़ी लेकर कुछ दूरी पर खड़ा रहता था। भैंस चोरी करने के बाद वे पैदल चलते हुए ड्राइवर को व्हाट्सएप पर लाइव लोकेशन भेजकर बुलाते थे। चोरी की गई भैंसों को राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साप्ताहिक पशु मेलों में व्यापारियों को बेच दिया जाता था, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
- सात दिनों में 10 से ज्यादा भैंसें चोरी की
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने केवल सात दिनों के भीतर दो जिलों और पड़ोसी राज्यों से एक दर्जन से ज्यादा भैंसें चोरी की हैं। बरवाड़ा निवासी शिवदयाल की 15 जनवरी को हुई चोरी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर इन बदमाशों को पकड़ा।
लगातार हो रही चोरियों के कारण ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल था। आर्थिक नुकसान के डर से कई पशुपालक रात भर जागकर अपने पशुधन की रखवाली कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से ही लूट, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
- फरार आरोपियों की तलाश जारी
थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया- हमने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फरार साथियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं। यह एक बड़ा नेटवर्क है और आरोपियों के खिलाफ कई जिलों और राज्यों में मामले दर्ज हैं।