आखातीज पर लक्ष्मणगढ़ प्रशासन का सख्त पहरा: बाल विवाह कराया तो पंडित, हलवाई और बैंड वाले भी जाएंगे जेल
शादी के कार्ड पर जन्मतिथि छपवाना अनिवार्य, नियम तोड़ने वाले हलवाई, टेंट व बैंड संचालकों पर भी होगी कार्रवाई
लक्ष्मणगढ़ (अलवर)। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (आखातीज) के 'अबूझ सावे' पर बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए उपखंड प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन ने इस वर्ष बाल विवाह की रोकथाम हेतु अत्यंत सख्त 'एक्शन प्लान' तैयार किया है, जिसके तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी पक्षों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
- शादी के कार्ड पर आयु का उल्लेख अनिवार्य:
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब विवाह के निमंत्रण पत्र (शादी के कार्ड) पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि एवं उम्र का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। मुद्रकों (प्रिंटिंग प्रेस संचालकों) को निर्देशित किया गया है कि वे बिना आयु प्रमाण पत्र की पुष्टि किए कार्ड न छापें।
- सेवा प्रदाताओं पर होगी कड़ी कार्रवाई:
सर्किल पुलिस अधिकारी कैलाश जिंदल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी विवाह में बाल विवाह की पुष्टि होती है, तो केवल परिजनों पर ही नहीं, बल्कि वहां सेवाएं देने वाले पंडित, हलवाई, टेंट हाउस संचालक, बैंड वाले और ट्रांसपोर्टर्स के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यवसायियों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
- निगरानी और हेल्पलाइन:
बाल विवाह पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में पैनी नजर रखेंगी। आमजन से अपील की गई है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर हेल्पलाइन नंबर 1098, 181 या 100 पर तत्काल सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
प्रशासन द्वारा 'डंडे के साथ समझाइश' की नीति अपनाते हुए पंचायतों में जागरूकता सभाएं आयोजित की जा रही हैं। ग्रामीणों को बाल विवाह के शारीरिक, मानसिक और कानूनी दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने का संकल्प दिलाया जा रहा है।


