हल्की सी चूक होने पर हादसे का खतरा, जिम्मेदारों की अनदेखी से लोगों में आक्रोष पनप रहा, खैरथल में 20 कुएं व बोरवेल खुले पड़े, हादसों व शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने बंद नहीं कराए
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) क्षेत्र में खुले कुएं और बोरवेल अब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी का सबूत बन चुके हैं। खैरथल क्षेत्र में आज भी 20 से अधिक खुले कुएं व बोरवेल लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं, लेकिन हादसों और बार-बार की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। हर हादसे के बाद सरकार गंभीर होने का दावा करती है, आदेश जारी होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। खैरथल नगर परिषद क्षेत्र में खुले कुएं व बोरवेल कभी भी किसी बड़े ह्यदसे का कारण बन सकते हैं वहीं अधिकतर खुले कुएं आबादी क्षेत्र में है वहीं कुछ सड़क किनारे बने हुए है जिनके चलते हल्की सी चूक लोगो की जान पर बन सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि खुद नगर परिषद के अधिकारी मानते हैं कि खैरथल क्षेत्र में 20 खुले कुएं व बोरवेल हैं। इनमें से 6-7 सार्वजनिक और बाकी निजी हैं, इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
घनी आबादी में खुले कुएं, हर पल हादसे का खतरा
खैरथल के सुभाष नगर कॉलोनी, वार्ड नंबर-1 सैनी मोहल्ला, किरवारी फाटक और अगवानी के पास नए बाइपास जैसे इलाकों में खुले कुएं और बोरवेल आज भी मौत को न्योता दे रहे हैं। कई स्थानों पर ये कुएं घनी आबादी के बीच हैं, जहां बच्चों और मवेशियों का आना-जाना लगातार बना रहता है।
वार्ड नंबर-1 : सैनी मोहल्ला में दुर्गा माता मंदिर के सामने स्थित प्राचीन कुआं किसी बड़े हादसे की इंतजार में है। स्थानीय निवासी सुमित सैनी का कहना है कि कई बार नगर परिषद को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किरवारी फाटक के पास ही खुला कुआं जो रास्ते के बराबर ही है, जिससे हल्की की चूक किसी बड़े हादसे के कारण बन सकती है। सैनी मोहल्ले वासियों ने बताया कि नगर परिषद को शिकायत दी गई, लेकिन कुओं को नहीं ढका गया।
इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि अगर नगर परिषद क्षेत्र में कहीं सार्वजनिक खुले कुंए है तो इन्हें जल्द भरवाया जाएगा।