सुनकई में मृत गोवंश का शव 10 घंटे आबादी के बीच पड़ा रहा, सूचना के बावजूद पंचायत ने नहीं की कार्रवाई
धौलपुर जिले के सुनकई गांव में प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। सोमवार, 2 मार्च 2026 को एक बीमार आवारा गोवंश की मृत्यु के बाद उसका शव लगभग 10 घंटे तक 350 घरों की आबादी के बीच पड़ा रहा। इस घटना से ग्रामीणों में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गांव निवासी पत्रकार नाहर सिंह मीना ने मृत गोवंश के निस्तारण के लिए तत्काल लिखित सूचना दी। यह जानकारी व्हाट्सएप के जरिए सरपंच प्रतिनिधि रामसहाय मीना और पंचायत सचिव लक्ष्मण सिंह मीना को भेजी गई थी। हालांकि, सूचना दिए जाने के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नाहर सिंह मीना ने अपने छोटे भाइयों की मदद से मृत गोवंश के शव को गांव से लगभग 700 मीटर दूर ले जाकर निस्तारित किया। इसका उद्देश्य गांव में स्वच्छता बनाए रखना और किसी भी बीमारी के फैलने के खतरे को रोकना था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सूचना देने के बाद जब पंचायत सचिव से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन बंद मिला। सरपंच प्रतिनिधि ने भी कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे पंचायत प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह घटना वटीकरा पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव की है। आबादी क्षेत्र में मृत पशु का इतने लंबे समय तक पड़ा रहना स्वच्छता नियमों और जनस्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से इस घटना को गंभीरता से लेने और भविष्य में मृत आवारा पशुओं के सुरक्षित निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की भी अपील की है, ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।