भरतपुर :विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र की जिला स्तरीय समिति की बैठक 9 मार्च को
भरतपुर (कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय)
जिले में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र द्वारा गठित 'विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र' (DISM) के तहत जिला स्तरीय समिति की अहम बैठक आगामी सोमवार, 9 मार्च को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।
कलक्टर करेंगे लंबित मामलों की समीक्षा जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को सुगम बनाना है। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच फंसे निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा की जाएगी।
6 मार्च तक का अल्टीमेटम महाप्रबंधक (जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र) सीएम गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभागों को अपने यहां लंबित प्रकरणों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट (Update Report) 6 मार्च तक निर्धारित प्रारूप में भेजनी होगी। समय पर रिपोर्ट न मिलने या ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कलक्टर की गाज गिर सकती है।
ये विभाग रहेंगे मौजूद बैठक में औद्योगिक क्लस्टर से जुड़े लगभग सभी प्रमुख विभाग हिस्सा लेंगे, जिनमें मुख्य रूप से:
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नगर निगम एवं विकास प्राधिकरण
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विद्युत वितरण निगम एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल
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सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD)
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जल संसाधन विभाग
उद्देश्य: त्वरित निस्तारण प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में नया निवेश आए और मौजूदा उद्योगों को बिजली, पानी या जमीन संबंधी विवादों के कारण परेशानी न हो। जनसुनवाई की तरह ही औद्योगिक शिकायतों को भी 'प्राथमिकता' पर रखा जा रहा है।