भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मुख्यमंत्री की बजट घोषणा भरतपुर जिले के लगभग 4 हजार मधुमक्खी पालकों के लिए वरदान साबित होने जा रही है। इस घोषणा के तहत जिले में मधुमक्खी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मधुमक्खी पालकों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
संयुक्त निदेशक उद्यान योगेश शर्मा द्वारा बुधवार को बजट घोषणा के अनुसार पंचायत समिति सेवर के गांव मई-गूजर में मधुमक्खी उत्कृष्टता केंद्र निर्माण कार्य निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी प्रदान किए। उन्होंने बताया कि इसके प्रारंभ होने से भरतपुर जिले की पंचायत समितियों सेवर, उच्चैन, नदबई तथा डीग जिले की पंचायत समिति कुम्हेर के साथ-साथ आसपास के जिलों के मधुमक्खी पालक भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि इस उत्कृष्टता केंद्र पर मधुमक्खी पालकों के लिए मधुमक्खी पालन से संबंधित आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। यहां प्रशिक्षण कक्ष और प्रशिक्षण हॉल के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थियों के रहने के लिए आवासीय भवन का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले किसानों और प्रशिक्षणार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि केंद्र पर शहद के मूल्य संवर्धन के लिए तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही शहद प्रसंस्करण के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से युक्त प्रयोगशाला की स्थापना भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालकों को शहद, मोम तथा पोलन जैसे उत्पादों के गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा छोटे मधुमक्खी पालकों के लिए छोटे-छोटे प्रोजेक्ट तैयार करने की सुविधा भी इस उत्कृष्टता केंद्र पर उपलब्ध कराई जाएगी। मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों और उनके प्रसंस्करण से बनने वाले उत्पादों के विपणन तथा बाजार से संबंधित जानकारी भी किसानों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस उत्कृष्टता केंद्र के निर्माण कार्य को गति देने के लिए उप निदेशक तथा सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी के पदस्थापन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इससे केंद्र के संचालन और प्रशिक्षण गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकेगा।