मिड-डे मील मिल्क पाउडर का होगा भौतिक सत्यापन, गठित होंगी तीन सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय समितियां
जयपुर (राजस्थान) प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत वितरित किए गए मिल्क पाउडर की गुणवत्ता और उपलब्धता की जांच कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर समिति गठित कर मिल्क पाउडर का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। सत्यापन रिपोर्ट 5 अगस्त तक विभाग को भेजनी होगी।
स्कूल शिक्षा व भाषा विभाग आयुक्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पन्नधाय बालगोपाल दूध योजना मे राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के माध्यम से स्कूलों में वितरित मिल्क पाउडर के संबंध में शिकायतें मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएम पोषण योजना के तहत वितरित खाद्य सामग्री की गुणवत्ता करना विभाग की जिम्मेदारी है। इधर, जिला शिक्षा अधिकारियों और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को सत्यापन कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमिता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
- पांच अगस्त तक देनी होगी रिपोर्ट
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सत्यापन का कार्य तीन कार्य दिवस में पूरा कर 5 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी रिपोर्ट का संकलन कर विभाग को भेजेंगे।
- इन बिंदुओं पर होगी जांच
समिति वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्रथम चरण में स्कूलों को वितरित मिल्क पाउडर के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेगी। जांच के दौरान स्कूलों में उपलब्ध स्टॉक, वितरण रजिस्टर, प्राप्त और उपयोग की गई मात्रा का मिलान किया जाएगा। साथ ही मिल्क पाउडर के एक्सपायरी डेट का भी सत्यापन होगा।
- हर ब्लॉक में तीन सदस्यीय समिति
आदेश के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक में तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) अध्यक्ष होंगे, जबकि संबंधित ब्लॉक के दो पीईईओ/यूसीईओ तथा ब्लॉक का एक लेखाधिकारी या लेखा कार्मिक सदस्य के रूप में शामिल रहेगा।

