थानागाजी में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बनेंगी किसान कमेटियां
थानागाजी (अलवर/ गोपेश शर्मा): राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप रासायनिक खेती को छोड़कर जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने हेतु उपखंड कार्यालय थानागाजी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। उपखंड अधिकारी सविता शर्मा और सहायक कृषि अधिकारी पिंकी मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय खाद-बीज विक्रेताओं ने भाग लिया।
- प्रमुख निर्णय: ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन
बैठक में जैविक खेती करने वाले किसानों को एक मंच पर लाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कमेटियां बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। ये कमेटियां किसानों को जैविक खेती की बारीकियों और सरकार की योजनाओं से अवगत कराएंगी।
- जैविक खेती के लाभ और सुझाव:
अधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि जैविक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, बल्कि पानी की बचत और पर्यावरण संरक्षण भी होता है। बैठक में किसानों के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए:
- गोबर और हरी खाद का अधिकाधिक उपयोग करें।
- फसल चक्र (Crop Cycle) को अपनाकर भूमि की शक्ति बनाए रखें।
- रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक विकल्पों का चयन करें।
- खेती से पूर्व अनिवार्य रूप से मिट्टी की जांच करवाएं।
चुनौतियां और समाधान:
बैठक में जैविक खेती में शुरुआती दौर में आने वाली चुनौतियों जैसे—कम उत्पादन और बाजार में सही दाम न मिल पाने पर भी चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी तरुण कुमार शर्मा और गुलाब चंद बलाई ने बताया कि जागरूकता और सही तकनीकी जानकारी से लागत कम की जा सकती है, जिससे लंबे समय में किसानों को अधिक लाभ होगा। इस अवसर पर कृषि विभाग के कर्मचारी, स्थानीय विक्रेता और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में रासायनिक मुक्त खेती की ओर कदम बढ़ाने का संकल्प लिया।