सरकारी हॉस्पिटल की लैब निजी हाथों में सौंपने की तैयारी: संविदाकर्मी धरने पर बैठे, बोले- संकट में हमारी रोजी-रोटी
नागौर के जेएलएन गवर्नमेंट डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में संविदा पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि उनकी सेवाओं को निरंतर रखा जाए। इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से एनजीओ और आरएमआरएस के माध्यम से अस्पताल की लैब में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद पीएमओ ने उन्हें मौखिक आदेश देकर काम पर आने से मना कर दिया है, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
- संविदाकर्मी बोले- हब एंड स्पोक मॉडल के तहत हो काम
ज्ञापन में बताया कि एक निजी डायग्नोस्टिक कंपनी के प्रभाव में आकर अस्पताल की लैब को बंद किया जा रहा है। जबकि नियमनुसार चिकित्सा संस्थान में पूर्व की भांति जांचें जारी रहनी चाहिए। लैब टेक्नीशियनों का तर्क है कि हब एंड स्पोक मॉडल के तहत भी स्थानीय स्तर पर लैब का संचालन जरूरी है।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि जेएलएन अस्पताल की लैब को यथावत रखा जाए, जिससे अनुभवी कर्मियों को आने वाली भर्तियों में लाभ मिल सके और उनकी रोजी-रोटी संकट में न पड़े। इस दौरान बड़ी संख्या में लैब टेक्नीशियन मौजूद रहे और अपनी मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा।
- अब निजी कंपनी करेगी लैब का संचालन
बता दें कि नागौर के जेएलएन गर्वनमेंट हॉस्पिटल में 'हब एंड स्पोक' मॉडल लागू होने के साथ ही लैब संचालन की व्यवस्था बदल गई है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) द्वारा जारी आदेश के अनुसार- अब जिला अस्पताल और एमसीएच विंग में लैब का संचालन अनुबंधित फर्म कृष्णा लैब के माध्यम से किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के प्रभावी होने के चलते पूर्व में एनजीओ और आरएमआरएस के माध्यम से कार्यरत संविदा लैब टेक्नीशियनों की सेवाएं 31 मार्च 2026 से समाप्त कर दी गई हैं। कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि ये कार्मिक अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं, तो उन्हें संबंधित निजी फर्म के माध्यम से नियुक्ति प्राप्त करनी होगी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि गवर्नमेंट हॉस्पिटल की लैब को यथावत रखा जाए, जिससे उन्हें आगामी सरकारी भर्तियों में अनुभव का लाभ मिल सके।


