खैरथल में विधिक जागरूकता अभियानः ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे के तहत छात्रों को दी कानूनी जानकारी
खैरथल (हीरालाल भूरानी) राजस्थान में स्कूली विद्यार्थियों को कानूनी रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंगलवार 7 अप्रैल को पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खैरथल में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत लीगल लिटरेसी एंड सेंसटाइजेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल के अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध और उससे बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
शैलेंद्र व्यास ने बताया कि साइबर दुर्व्यवहार मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को अपमानित, धमकाने या परेशान करने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि आज बदमाशी केवल स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम कमेंट, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि स्क्रीनशॉट, फोटो या एडिटेड वीडियो कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों तक फैल सकते हैं, जिससे मानसिक और सामाजिक नुकसान होता है। साथ ही यह भी बताया कि साइबर अपराध भारतीय कानून के तहत दंडनीय है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में 'कोर्ट वाली दीदी' नामक शिकायत एवं सुझाव पेटी भी स्थापित की गई, जिसमें विद्यार्थी अपनी समस्याएं बिना पहचान बताए साझा कर सकेंगे। इन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रणवीर सिंह ने बास कृपाल नगर विद्यालय में शिविर आयोजित कर साइबर अपराध, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन बदमाशी, फेक प्रोफाइल, निजी जानकारी साझा करने के खतरे और ऑनलाइन ब्लैकमेल जैसे विषयों पर जानकारी दी।
उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों - जैसे एकाग्रता में कमी, नींद की समस्या, मानसिक तनाव और पढ़ाई में गिरावट - के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड लाइन), 112 (पुलिस सहायता) और 1930 (साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन) की जानकारी दी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों - किशनगढ़ बास, कोटकासिम, तिजारा, भिवाड़ी और मुण्डावर - में भी न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जहां विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, पीएलवी और सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह अभियान विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और कानून के प्रति संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

