विवाहिता की संदिग्ध मौत: परिजनों ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। शहर में गत 7 अप्रैल को हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को मृतका के परिजनों ने अंजुमन इस्लाहुल मुस्लीमीन के सदर गुलाम सय्यद अली और सचिव रफीक अहमद गौड़ को एक ज्ञापन सौंपकर पुलिस प्रशासन से वार्ता करने और मामले में निष्पक्ष कार्यवाही करवाने की गुहार लगाई है। सौंपे गए ज्ञापन में मृतका नसरीन के परिजनों ने बताया कि उसकी शादी को 10 वर्ष से अधिक का समय हो चुका था।
आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का सीधा आरोप है कि नसरीन की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस संदिग्ध मौत में नसरीन के पति, सास और अन्य सदस्य संलिप्त हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन की ढीली कार्यवाही पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों से कोई ठोस पूछताछ नहीं की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाय, पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष को ही नोटिस थमाकर जवाब मांगे जा रहे हैं। मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से परिजनों ने अंजुमन सदर से मांग की है कि वे इस संवेदनशील मामले में पुलिस के उच्चाधिकारियों से वार्ता करें। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर मृतका की आत्मा को शांति प्रदान की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में मृतका के परिजन और समाज के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग दोहराई है।


