स्कूल के बच्चों ने पढ़ा साइबर सुरक्षा का पाठ: एडवोकेट बोले-अनजान लिंक न खोलें, न किसी को OTP दें
राजस्थान में विधि और न्याय क्षेत्र से जुड़े जज और वकील हर मंगलवार स्कूली बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में पढ़ा रहे हैं। भीलवाड़ा में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थ सदस्यों ने शहर के अलग-अलग स्कूलों में विधिक साक्षरता कैंप लगाकर बच्चों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। पुलिस लाइन क्षेत्र में महात्मा गांधी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में प्राधिकरण ने विधिक साक्षरता संगोष्ठी की। इसका विषय 'साइबर क्राइम एवं विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्य' था।
- ओटीपी साझा नहीं करें, 1930 डायल करें
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थ विशेषज्ञ और एडवोकेट अशोक जैन ने कहा- वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। अनजान लिंक, फर्जी मैसेज एवं OTP साझा करने जैसी छोटी-छोटी लापरवाहियां गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती हैं।
साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार होते हैं। जैसे अकाउंट हैकिंग, फेक आईडी, साइबर बुलिंग एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी। ऐसे अपराध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), भारतीय दंड संहिता (IPC) एवं पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय हैं।
किसी भी प्रकार की साइबर समस्या होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को तुरंत सूचित करें।
- स्टूडेंट्स को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी
एडवोकेट जैन ने कहा-मोबाइल स्मार्ट है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि उपयोगकर्ता स्मार्ट हो। सावधानी ही साइबर सुरक्षा है।
उन्होंने स्टूडेंट्स को अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी दी। साथ ही सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, गोपनीयता की रक्षा एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया। आयोजन में शांतिलाल जैन, प्रहलाद राय व्यास,कुणाल ओझा का योगदान रहा।
इस दौरान रवि वशिष्ठ (प्रधानाचार्य), सुनील राय पोरवाल (व्याख्याता), सौरभ गौड़ (व्याख्याता) सहित विद्यालय के स्टूडेंट उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग बनाना रहा।


