गुरलां की कालिका माता पहाड़ी पर भीषण आग, जब प्रशासन हुआ बेबस तो 'कुदरत' ने ही बुझाई
गुरलां (भीलवाड़ा/ सत्यनारायण सेन) भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग (हाइवे 758) पर स्थित गुरलां क्षेत्र की कालिका माता पहाड़ी पर मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। अरावली की दुर्गम पहाड़ियों पर फैली इस आग ने देखते ही देखते लगभग 30 से 40 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। जहाँ एक ओर प्रशासनिक संसाधन आग बुझाने में बेबस नजर आए, वहीं अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने इस विकराल आग पर काबू पा लिया, जिसे स्थानीय ग्रामीण 'माता का चमत्कार' मान रहे हैं।
- तेज हवाओं ने आग को किया विकराल
पहाड़ी पर मौजूद सूखी घास और झाड़ियों के कारण आग ने तेजी से विस्तार किया। आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी धधकती पहाड़ी दिखाई दे रही थी। इस घटना में भारी मात्रा में वन संपदा जलकर खाक हो गई और वन्यजीवों को भी काफी नुकसान पहुँचने की आशंका है।
- दुर्गम रास्ता बना बाधा
सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुँचीं। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से पहाड़ी तक पहुँचने का रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन ऊँचाई और दुर्गम इलाका होने के कारण दमकल की गाड़ियाँ आग के मुख्य केंद्र तक नहीं पहुँच सकीं। प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात स्थिति पर नजर बनाए रहे, लेकिन मानवीय प्रयास विफल साबित हो रहे थे।
- आस्था और चमत्कार: जब बारिश ने संभाली कमान
जब आग बेकाबू हो गई और वन संपदा पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर थी, तभी अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही समय में धधकती आग पूरी तरह शांत हो गई। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का कहना है कि जहाँ इंसानी संसाधन फेल हो गए, वहाँ कालिका माता के आशीर्वाद स्वरूप हुई बारिश ने जीवों की रक्षा की।


