43 डिग्री तापमान और भीषण लू से खैरथल का सब्जी बाजार बेहाल, दोपहर तक नष्ट हो रहीं हरी सब्जियां
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तेज लू का जानलेवा असर अब जनजीवन के साथ-साथ सब्जी कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। आसमान से बरसती आग और 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुके पारे के कारण हरी सब्जियों को ताजा रखना स्थानीय दुकानदारों और आढ़तियों के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बन गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सुबह मंडी से लाई गई ताजी हरी सब्जियां दोपहर का सूरज चढ़ते-चढ़ते पूरी तरह मुरझाने और सड़ने लगती हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय सब्जी विक्रेताओं और थोक व्यापारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में धनिया, पालक और मेथी जैसी नाजुक व पत्तेदार सब्जियां इस भीषण गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। दुकानदार अपनी तरफ से सब्जियों को बचाने के लिए पारंपरिक तौर-तरीकों जैसे गीली बोरियां, टाट ढकने और लगातार ठंडे पानी का छिड़काव करने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार चल रही गर्म पश्चिमी हवाओं (लू) के आगे ये सभी उपाय पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं।
बाजार के प्रमुख व्यापारी गोपालदास पेशवानी, विशनदास सुन्दरदास चांडवानी, भोनेश्वर गनवानी, अशोक कुमार, सुन्दर चांदवानी, वेद, देवीदास और रामचंद्र ने संयुक्त रूप से बताया कि पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, लौकी और कहू जैसी मुख्य सब्जियों में 40 से 50 प्रतिशत तक का खराबा हो रहा है। सुबह जो सब्जियां ऊंचे और सही दामों पर बिकती हैं, उनकी गुणवत्ता खराब होने के कारण दुकानदारों को शाम होते-होते उन्हें आधे से भी कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, जो सब्जियां दिनभर में नहीं बिक पातीं, वे अगले दिन सुबह तक पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं।
सब्जी कारोबारियों का कहना है कि इस प्राकृतिक मार का असर केवल छोटे दुकानदारों या फुटकर विक्रेताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी चौतरफा मार क्षेत्र के किसानों, मंडी आढ़तियों और ग्राहकों पर भी समान रूप से पड़ रही है। अत्यधिक गर्मी के कारण सब्जियों की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि बाजार में आने वाले ग्राहक मुरझाई हुई सब्जियां खरीदने से पूरी तरह कतरा रहे हैं, जिससे बाजार की कुल बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते दोपहर के समय खैरथल के मुख्य बाजारों, व्यावसायिक केंद्रों और प्रमुख मार्गों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आता है। स्थानीय बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही करने वाले आम राहगीरों को तीखी धूप और लू के थपेड़ों के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस तपिश के बीच बाजार में एक नया बदलाव यह देखा जा रहा है कि आम खाद्य सामग्रियों की बिक्री ठप है, जबकि ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का जूस, मौसमी का रस और शिकंजी की दुकानों पर राहगीरों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
सब्जी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और वरिष्ठ व्यापारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रहा और तापमान में गिरावट नहीं आई, तो आने वाले समय में सब्जियों के दामों में भारी उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित तेजी देखने को मिल सकती है। गर्मी के कारण न केवल स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक (सप्लाई) प्रभावित हुई है, बल्कि उनकी बाहरी राज्यों से आने वाली गुणवत्ता भी पूरी तरह बिगड़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार का संतुलन पूरी तरह डगमगा सकता है।


