पंक्चर बनाने वाले के नाम खुली ₹28 करोड़ की फर्जी कंपनी, GST का समन देख उड़े होश ,फर्जीवाड़ा देख पुलिस भी हैरान
चौरीचौरा (शशि जायसवाल)
डिजिटल युग में पहचान पत्रों (KYC Documents) की सुरक्षा को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला और आंखें खोल देने वाला मामला सामने आया है। यहां पंक्चर बनाने का काम करने वाले एक गरीब दुकानदार के नाम पर कथित तौर पर फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये के टर्नओवर और भारी-भरकम GST देनदारी का खेल रच दिया गया। जब पीड़ित को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग का समन मिला, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित ने अब पुलिस की शरण लेकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
मामला रामपुर बुजुर्ग का है। यहां रहने वाले राज प्रजापति सड़क किनारे पंक्चर बनाने की दुकान चलाते हैं। मार्च 2026 में उनके घर CGST वाराणसी की ओर से एक आधिकारिक समन पहुंचा। इस समन में आरोप लगाया गया कि राज प्रजापति के नाम पर "मैसर्स गड़जेट्रोन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड" नामक कंपनी संचालित हो रही है, जिसने करीब 28 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया है और भारी GST अनियमितताएं की हैं। दिनभर में कुछ सौ रुपये कमाने वाले राज और उनके परिवार के लिए यह नोटिस किसी बड़े झटके से कम नहीं था।
"बहन की शादी के लिए दिए थे दस्तावेज, जालसाज ने ऐसे बुना जाल" पीड़ित राज प्रजापति के अनुसार, वर्ष 2024 में उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी का फायदा उठाते हुए गांव के ही एक व्यक्ति ने मदद का भरोसा दिया और उनसे लोन या सहायता के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए। यही नहीं, आरोपी ने दो बार राज की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई और कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर (Sign) ले लिए। राज को अंदाजा भी नहीं था कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल उनके नाम पर एक फर्जी कंपनी रजिस्टर करने और बैंक खाता खुलवाने के लिए किया जाएगा।
थाने में शिकायत, जांच में जुटी पुलिस
CGST का समन मिलने के बाद पीड़ित राज प्रजापति ने 30 मई 2026 को संबंधित थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और बैंक खातों व कंपनी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है।


