200 साल पुराने पुस्तैनी रास्ते को बचाने की मांग तेज, ग्रामीणों ने ग्राम सेवक के माध्यम से एसडीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
बावड़ी (मिश्रीलाल लखारा ) बावड़ी केअणवाणा गांव में निर्माणाधीन आईटीआई भवन के कारण 200 वर्ष पुराने पुस्तैनी रास्ते के बंद होने के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी दोरान ग्रामीणों ने ग्राम सेवक को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) बावड़ी के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया और जल्द समाधान की मांग की।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अणवाणा गांव में मेघवाल (दलित) समाज के परिवार करीब 200 वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनके खेतों और कच्चे-पक्के मकानों तक पहुंचने के लिए यही एकमात्र पारंपरिक रास्ता है। आरोप है कि निर्माणाधीन आईटीआई की चारदीवारी के कारण इस रास्ते को बंद किया जा रहा है, जिससे कई परिवारों का गांव और मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह कट जाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है तथा न्यायालय का स्थगन आदेश (स्टे) प्रभावी होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक आईटीआई की चारदीवारी के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए तथा उनके पुस्तैनी रास्ते को यथावत रखा जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें आईटीआई कॉलेज निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनके पुस्तैनी मार्ग को बंद नहीं किया जाए। यदि किसी कारणवश पुराना रास्ता सुरक्षित नहीं रखा जा सकता तो सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


