नामांकन के साथ ही तखतगढ़ में शुरू हुआ जनसंपर्क, टिकट की जंग ने बढ़ाई सियासी हलचल; भाजपा-कांग्रेस में टिकट को लेकर खींचतान
तखतगढ़ (बरकत खान) नगरपालिका आम चुनाव-2026 को लेकर तखतगढ़ में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की अधिकृत सूची को लेकर दावेदारों में अब भी उत्सुकता बनी हुई है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त होने के कारण टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार लगातार पार्टी नेताओं से संपर्क साधने के साथ अपने समर्थकों के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं।
- 25 वार्डों में बदले समीकरण, पुराने पार्षदों के सामने नई चुनौती
तखतगढ़ नगरपालिका के 25 वार्डों में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव के बाद कई वार्डों के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। आरक्षण के कारण कुछ पुराने पार्षदों को अपने पुराने वार्ड से बाहर राजनीतिक जमीन तलाशनी पड़ रही है, वहीं नए चेहरों के लिए भी चुनावी मैदान में उतरने का अवसर बना है।
ऐसे में इस बार कई वार्डों में मुकाबला पुराने चेहरों बनाम नए दावेदारों के बीच होने के आसार हैं। राजनीतिक दल भी ऐसे प्रत्याशियों की तलाश में जुटे हैं, जिनकी अपने वार्ड में मजबूत पकड़ और मतदाताओं के बीच अच्छी स्वीकार्यता हो।
- एक टिकट, कई दावेदार: भाजपा-कांग्रेस के सामने चुनौती
तखतगढ़ में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के सामने कई वार्डों में एक टिकट के लिए अनेक दावेदार हैं। पार्टी स्तर पर रायशुमारी और फीडबैक के बाद जीत की संभावना वाले नामों पर मंथन किया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से 25 वार्डों के दावेदारों से रायशुमारी कर पैनल तैयार किए जाने की बात सामने आई थी, वहीं भाजपा ने भी दावेदारों से फीडबैक लेकर प्रत्याशियों के चयन की कवायद की है।
टिकट की घोषणा में देरी के बीच कई दावेदारों ने अपने स्तर पर वार्ड में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। इससे राजनीतिक दलों के सामने टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की चुनौती भी रहेगी।
- नामांकन के बाद भी टिकट का इंतजार, वार्डों में शुरू हुआ शक्ति प्रदर्शन
नामांकन प्रक्रिया के दौरान संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। पहले दिन तखतगढ़ में 223 नाम निर्देशन पत्र हेल्प डेस्क से वितरित किए गए थे, हालांकि उस दिन एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ था। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ चुनावी माहौल और अधिक गरमाने लगा है।
कई दावेदारों ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा से पहले ही मतदाताओं से संपर्क बढ़ा दिया है। घर-घर दस्तक, व्यक्तिगत मुलाकातों और सामाजिक स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
- टिकट कटने पर बिगड़ सकता है चुनावी गणित
भाजपा और कांग्रेस के लिए असली चुनौती प्रत्याशियों की घोषणा के बाद सामने आएगी। जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिलेगा, उनमें से कुछ निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं। खासकर उन वार्डों में जहां टिकट के लिए कई मजबूत दावेदार हैं, वहां बगावत अथवा निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसे में दोनों दलों के लिए केवल टिकट देना ही चुनौती नहीं, बल्कि टिकट नहीं पाने वाले दावेदारों और उनके समर्थकों को पार्टी के साथ बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
- महिला दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ी
आरक्षण में बदलाव के चलते महिला दावेदारों की भूमिका भी इस बार महत्वपूर्ण हो गई है। जिन वार्डों में महिला आरक्षण हुआ है, वहां नए चेहरे राजनीतिक मैदान में दिखाई दे रहे हैं। महिला दावेदारों ने भी जनसंपर्क शुरू कर मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है।
- जांच और नाम वापसी के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर
नामांकन दाखिल होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने पर तखतगढ़ के 25 वार्डों की वास्तविक चुनावी तस्वीर साफ होगी। इसके बाद भाजपा-कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी से प्रत्येक वार्ड में मुकाबले का स्वरूप स्पष्ट होगा।
फिलहाल तखतगढ़ में टिकट के इंतजार के बीच दावेदारों का जनसंपर्क जारी है और हर वार्ड में एक ही चर्चा है—किसे मिलेगा पार्टी का टिकट और कौन बनेगा वार्ड का नया पार्षद?

