इमाम चौक गौड़ा बास में अकीदत के साथ मना जश्ने ईद मिलादुन्नबी, मौलाना फ़ैज़ान अशरफी ने फरमाया खिताब
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। सुन्नी नौजवान कमेटी के तत्वावधान में शहर के इमाम चौक, गौड़ा बास में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर एक भव्य जलसे का आयोजन पूरी अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। जलसे में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। जलसे के मुख्य वक्ता किछौछा शरीफ (उत्तर प्रदेश) से तशरीफ लाए मौलाना सय्यद फ़ैज़ान अशरफी रहे। उन्होंने ईद मिलादुन्नबी की अजमत और फजीलत पर तफसीली बयान करते हुए कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (सअव) पूरी कायनात के लिए रहमत बनकर तशरीफ लाए। उन्होंने दुनिया को अमन, मोहब्बत, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम दिया।
मौलाना ने कहा कि हुजूर की सीरत-ए-मुबारका पर अमल करके ही दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल की जा सकती है। उन्होंने नौजवानों को दीनी तालीम के साथ-साथ अखलाक और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की नसीहत दी। जलसे में जोधपुर से तशरीफ लाए नात ख्वान अनीस अशफाकी ने बारगाह-ए-रिसालत में अपने मखसूस और दिलकश अंदाज में नात शरीफ का नजराना पेश किया। उन्होंने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर पूरे मजमे को रूहानी कैफियत से सराबोर कर दिया। उनके अशआर पर हाजरीन सुब्हान अल्लाह और माशा अल्लाह की सदाएं बुलंद करते रहे।
जलसे का आगाज तिलावते कुरान-ए-पाक से हुआ। कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआ मांगी गई। इसके बाद सलातो-सलाम पढ़कर तबर्रुक तकसीम किया गया। सुन्नी नौजवान कमेटी के पदाधिकारियों ने जलसे में पहुंचे सभी मेहमानों, उलेमाओं और अकीदतमंदों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी, नौजवान और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

