अपने लेखन से समाज को नई दिशा और राह दिखाएं: महासचिव राजयोगी करुणा, जिला स्तरीय पत्रकार स्नेह मिलन एवं पुष्पांजलि सभा आयोजित,
आबूराज (बरकत खा) ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में रविवार को जिला स्तरीय पत्रकार स्नेह मिलन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए दो सौ से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया। इस दौरान पत्रकारों ने नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया तथा पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर प्रकाश स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की।
संस्थान के महासचिव राजयोगी करुणा ने कहा कि पत्रकार अपने लेखन के माध्यम से समाज को नई दिशा और राह दिखाने का कार्य करते हैं। समाचारों में लिखे प्रत्येक शब्द का समाज पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए पत्रकार सकारात्मक, प्रेरणादायक और समाज को सही दिशा देने वाली खबरों को अधिक स्थान दें, ताकि समाज में सकारात्मकता और श्रेष्ठ मूल्यों का संचार हो सके।
अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. मृत्युंजय ने कहा कि पत्रकारों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उनका लिखा प्रत्येक शब्द इतिहास बन सकता है। इसलिए ऐसा लेखन किया जाए, जिससे स्वयं को संतुष्टि और खुशी मिले तथा दूसरों के जीवन में भी प्रसन्नता का संचार हो। परमात्मा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कुछ समय परमात्मा का ध्यान करें
गीता ज्ञान विशेषज्ञ राजयोगिनी ऊषा दीदी ने कहा कि पत्रकार अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर प्रतिदिन परमात्मा का ध्यान करें। परमात्मा की स्मृति से मन शांत होगा, जीवन में प्रसन्नता आएगी और लेखन अधिक प्रभावी बनेगा। जैसे हमारे विचार होते हैं, वैसे ही हमारे कर्म बनते हैं। मन सद्विचारों, श्रेष्ठ भावनाओं और कल्याण की भावना से भरा रहेगा तो कर्म भी श्रेष्ठ और दिव्य बनेंगे।
वरिष्ठ राजयोगी प्रकाश ने कहा कि पत्रकारों से दादी प्रकाशमणि का विशेष स्नेह रहा। दादी प्रकाशमणि के मन में सदैव विश्व कल्याण और विश्व बंधुत्व की भावना रहती थी।
जन-जन तक संदेश पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका
स्वागत भाषण में समाज सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार राजयोगी अवतार ने कहा कि परमात्मा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनसंपर्क अधिकारी कोमल ने पत्रकारों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिवांगी ने किया। अतिथियों का स्वागत दलजीत , पुष्पेंद्र , गजानन , प्रेम , मोहित एवं त्रिलोचन ने किया।

