तीन गांवों में गूंजी मिशन-2027 की आवाज, टप्पू भैया के समर्थन में एकजुट हुए ग्रामीण; स्थानीय नेतृत्व और चौरी-चौरा के विकास को लेकर ग्रामीणों ने जताया भरोसा
चौरी-चौरा (शशि जायसवाल) 326 विधानसभा चौरी-चौरा के सरदार नगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा बिशुनपुर खुर्द, बरही एवं केशवापट्टी में मिशन-2027 के तहत आयोजित विशाल चौपाल कार्यक्रमों में अमर शहीद बाबू बंधू सिंह के गौरवशाली वंशज एवं माँ तरकुलहा देवी के अनन्य भक्त अजय कुमार सिंह “टप्पू भैया” ने ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। चौपाल में आगामी विधानसभा चुनाव, स्थानीय नेतृत्व, क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं तथा चौरी-चौरा के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन पंडित राजकुमार व्यास ने किया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए टप्पू भैया ने कहा कि चौरी-चौरा लंबे समय से अपेक्षित विकास से वंचित रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की आवाज को विधानसभा तक मजबूती से पहुंचाने और स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि अब चौरी-चौरा की जनता जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास, सम्मान और स्थानीय नेतृत्व के मुद्दे पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर समय जनता के बीच उपलब्ध रहे।
टप्पू भैया ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना, क्षेत्र का सर्वांगीण विकास कराना तथा आम जनता को थाना, तहसील और ब्लॉक स्तर पर होने वाली अनावश्यक परेशानियों से निजात दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भी स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार रखे। उपस्थित लोगों ने अजय कुमार सिंह “टप्पू भैया” के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए 2027 में उन्हें विधानसभा पहुंचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सुरेश यादव, बलवंत भारती, सुनील यादव, राजू, मनीष, मंगलेश, सतीश, राम सिंह, सुब्रत, मनोज कुमार, श्यामलाल, गोलू, केदारनाथ यादव, राम आशीष तिवारी, अष्टभुजा तिवारी, विनोद गुप्ता, श्रीराम भारती, राम लखन सिंह, राम नवल सिंह, बचन भारती, नर्सिंग भारती, अनिरुद्ध प्रसाद प्रधान, सुदामा राजभर, सुरेंद्र तिवारी, सुरेंद्र राजभर, अभिनंदन कुमार, लालधारी पासवान, सुरेश पासवान, प्रभुनाथ पासवान, हरिश्याम नाथ दुबे, सुभाष चंद्र विश्वकर्मा, जय गोपाल दुबे, श्याम बिहारी कनौजिया, द्वारिका यादव, गौरी शंकर यादव, प्रमोद कनौजिया, देवी लाल राजभर, विवेकानंद दुबे, चंद्र किशोर पाठक, गौरी शंकर दुबे, सुनील पासवान, रिंटू दुबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। चौपाल से सियासी संदेश स्पष्ट रहा—मिशन-2027 के साथ स्थानीय नेतृत्व और चौरी-चौरा के विकास का मुद्दा अब ग्रामीण संवाद के केंद्र में है।

