नगर विकास न्यास के दोषी अधिकारीयो एवं भूमाफिया के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने की कार्यवाही की मांग
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)
आए दिन नगर विकास न्यास भीलवाड़ा में भू माफियाओ एवं अधिकारियों की सांठ गांठ से हो रहे भ्रष्टाचार का उजागर होना थमने का नाम नहीं ले रहा है हाल ही में बिलिया निवासी नारायण लाल गाडरी की एक बीघा 19 बिस्वा कृषि जमीन को भू माफिया एवं नगर विकास न्यास के अधिकारियों द्वारा कूटरचित तरीके से फर्जी व्यक्तियों एवं फर्जी स्टांप द्वारा 2019 में नगर विकास न्यास के नाम समर्पण करवा कर बदले में मुआवजे के रूप में फर्जी तरीके से 17 भूखंड अलोट कर दिए गए जबकि नगर विकास न्यास के नाम नामांतरण 2025 में हुआ। उक्त हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम जरिया जिलाधीश भीलवाड़ा एवं जिलाधीश के नाम से अलग-अलग ज्ञापन राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य के नेतृत्व में जिलाधीश की अनुपस्थिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर को ज्ञापन सौंप कर नगर विकास न्यास के नाम फर्जी तरीके से हुए नामांतरण को कैंसिल कर उन्हें नारायण लाल गाडरी के नाम दर्ज करने व उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषी अधिकारियों एवं भू माफिया के खिलाफ कठोर कार्यवाही करते हुए निलंबित किए जाने की मांग की गई अन्यथा संगठन द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी।
आचार्य ने मीडिया को बताया कि उक्त भ्रष्ट अधिकारियों की साजिश के तहत भाजपा सरकार को बदनाम करने व सरकार के खिलाफ आम जन में असंतोष की भावना उत्पन्न करने की नीयत से इस तरह के कार्य किया जा रहे हैं जो अब आमजन नहीं सहेगा।
ज्ञापन देते समय राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला संरक्षक संरक्षक छोटू लाल अटारिया, श्रवण कुमार सेन, जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य, जिला महासचिव मुकेश सोनी, जिला सचिव सुभाष गर्ग, संयुक्त सचिव सुवालाल कुमावत, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक जोशी, युवा जिला उपाध्यक्ष रजत माथुर, युवा जिला महासचिव गोपाल जाट, पीड़ित नारायण लाल गाडरी, राधेश्याम गाडरी, सोनू धोबी,अनुराग टेलर, मोहित गाडरी, रोहित, दीपक कुमार सहित संगठन के कई कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।