अलवर : हाई मास्ट पोल से बिजली चोरी का खुलासा,अवैध तारों के जरिए बिजली सप्लाई
अलवर (राजस्थान) अनिल गुप्ता
अलवर शहर के बिजली घर चौराहे पर लगे हाई मास्ट लाइट पोल से सरकारी बिजली चोरी और हर महीने अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ बिजलीघर से चंद कदम की दूरी पर हो रहा था, फिर भी न किसी ने देखा न रोकने की कोशिश की गई।
इस पूरे मामले का मुख्य किरदार है खुद को यू आई टी का कर्मचारी और ठेकेदार का आदमी बताने वाला गोपाल सैनी, जिसे हाई मास्ट लाइट को ऑन-ऑफ करने की ड्यूटी दी गई थी। लेकिन उसने लाइट पोल के नीचे लगे बिजली बॉक्स से तार खींचकर पटरी पर काम करने वाले लोगों को अवैध बिजली देना शुरू कर दिया। इसके बदले वह हर महीने 500 से 1000 रुपये तक की वसूली करता है।
मामला तब सामने आया जब ढाबा चलाने वाले केदार से गोपाल ने मंथली बढ़ाकर एक हजार रुपये मांगे। केदार ने विरोध किया और पूरे घटनाक्रम की वीडियो बना ली, जो अब वायरल हो चुकी है।
वीडियो में गोपाल सैनी खुद को यूआईटी का आदमी बताते हुए खुलेआम पैसे मांगता दिख रहा है। साथ ही वह यह भी कहता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि गोपाल आखिर किन अधिकारियों की बात कर रहा है?
क्या यह केवल दबाव में कहा गया एक वाक्य था या किसी ऊपर तक ‘हिस्सा पहुंचाने’ का संकेत है? यह जांच का विषय है।जब मौके पर जाकर देख तो पता लगा हाई मास्ट पोल के नीचे लगे बिजली बॉक्स से स्पष्ट रूप से अवैध तारों के जरिए बिजली सप्लाई दी जा रही थी।
स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चला केदार ने बताया कि वह 5 महीने से हर माह 700 रुपये दे रहा था।समीर ने कहा कि उससे 500 रुपये वसूले जाते हैं।दीपक ने बताया कि एक बल्ब जलाने के बदले उससे 150–200 रुपये मंथली लिए जाते हैं।
आखिर गोपाल सैनी संबंधित यूआईटी ठेकेदार और इस गोरखधंधे से जुड़े सभी जिम्मेदारों की जांच हो, और यह भी पता लगाया जाए कि वह "अधिकारियों तक" किसको क्या पहुंचा रहा था?