सीकरी में वन विभाग की कार्रवाई, बिना नोटिस 5 आरा मशीनें सीज करने पर सांसद संजना जाटव ने उठाए सवाल; जिला कलेक्टर को पत्र लिख जांच की मांग की
भरतपुर (डीग) भरतपुर सांसद संजना जाटव ने डीग जिले की सीकरी तहसील में वन विभाग द्वारा 5 निजी आरा मशीनों को सीज करने की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। सांसद ने इस पूरी प्रक्रिया को भेदभावपूर्ण और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सांसद ने पत्र में उल्लेख किया कि 23 अप्रैल को वन विभाग ने सोराप, रुजदार, खुर्शीद, भूरला और नफीस नामक व्यक्तियों की आरा मशीनों को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सीज कर दिया। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों के खिलाफ न तो पूर्व में कोई शिकायत थी और न ही कोई मुकदमा दर्ज था।
संजना जाटव ने आरोप लगाया कि "नगर विधानसभा क्षेत्र में करीब 50-60 आरा मशीनें चल रही हैं, लेकिन केवल एक विशिष्ट समुदाय के लोगों को ही निशाना बनाना प्रशासन की पक्षपातपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जो सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
दूसरी ओर, वन विभाग के प्रतिनिधि रोशन लाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीज की गई सभी आरा मशीनें अवैध रूप से चल रही थीं और संचालकों के पास आवश्यक लाइसेंसी दस्तावेज नहीं थे। विभाग का कहना है कि भविष्य में अन्य अवैध मशीनों के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
सांसद ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस मामले की तुरंत जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और पीड़ितों की आरा मशीनों को बहाल कर उन्हें राहत प्रदान की जाए।


