जावाल में श्री 1008 राम गिरि महाराज की अग्नि तपस्या, सनातन धर्म व नशा मुक्ति का संदेश
सिरोही (रमेश सुथार) क्षेत्र के जावाल गांव में इन दिनों भक्ति और आस्था का विशेष माहौल बना हुआ है। यहां पूज्य श्री 1008 राम गिरि जी महाराज द्वारा जनकल्याण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए कठोर अग्नि तपस्या की जा रही है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
महाराज की यह विशेष तपस्या 41 दिनों तक चलेगी। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक वे भीषण गर्मी और धूनी के बीच साधना में लीन रहते हैं। उनकी तपस्या की कठोरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 12 वर्षों से उन्होंने एक हाथ ऊपर उठा रखा है और अन्न का त्याग कर रखा है।
इस तपस्या के माध्यम से राम गिरि जी महाराज समाज को जागरूक करने का संदेश दे रहे हैं। उनके प्रमुख संकल्पों में गौ माता का सम्मान बढ़ाना, देश को नशा मुक्त बनाना तथा सनातन धर्म की संस्कृति और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना शामिल है।
महाराज के दर्शन के लिए सिरोही सहित पाली, जालौर और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु जावाल पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में दिनभर ‘जय श्री राम’ के जयकारों और भजनों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि महाराज के सानिध्य में आने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


