जिला सीमा भूमि पर विवाद, ग्रामीणों का अपने अपने जिले की भूमि होने का दावा
गोलाकाबास (रितीक शर्मा ) बिरकड़ी ग्राम पंचायत के गांव बैरवा ढाणी क्षेत्र में अलवर जिला व दौसा जिला की सीमा पर भूमि को लेकर दोनों जिलों के सीमा क्षेत्र के बिरकड़ी व पीलवा के ग्रामीण अपने अपने जिले की भूमि होना बता रहे है।
बिरकड़ी बैरवा ढाणी के ग्रामीण कप्तान सिंह गुर्जर ने बताया कि बिरकड़ी हल्का के अंतर्गत अलवर जिले की अंतिम सीमा पर आराजी खसरा नम्बर 2231 किस्म चारागाह विकास कार्य भूमि है जिस पर हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों व मनरेगा श्रमिकों ने विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाकर वृक्षारोपण किया था परन्तु दौसा जिले के गांव पीलवा के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई ओर दो जिलों की सीमा होने से ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद की स्थिति हो गई।
दोनों जिलों की सीमा विवाद को लेकर शुक्रवार को दौसा जिले की सैथल तहसील के तहसीलदार राकेश जैन व अलवर जिला की तहसील टहला के तहसीलदार शरद राठिया पुलिस प्रशासन के साथ मौक़े पर पंहुचकर भूमि का जायजा लिया तथा दोनों गांवो के ग्रामीणों को समझाइस की तथा दोनों जिलों के जिला कलेक्टर के समन्वय से स्थाई सीमांकन करवाने का आश्वासन दिया जिस पर दोनों गांवो के ग्रामीणों ने सहमति जताई।
इस मौके पर बिरकड़ी हल्का पटवारी योगेश यादव, कानूनगो मुरारीलाल शर्मा,ग्राम पंचायत बिरकड़ी व ग्राम पंचायत काबलेश्वर के सरपंच, ग्राम पंचायत बिरकड़ी के ग्राम विकास अधिकारी सीताराम गुर्जर, ग्रामीण कप्तानसिंह गुर्जर, बाबूलाल गुर्जर, पप्पू दडंग, गोकुल बंगार के साथ दोनों जिला सीमा गांव पिलवा एवं बिरकड़ी के ग्रामवासी मौजूद थे।


