लगभग बीस 22 वर्ष पूर्व बने उपखण्ड कार्यालय के बाहर हुआ गहरा गड्ढा,अधिवक्ताओं ने विरोध जताया
रामगढ़ अलवर (राधेश्याम गेरा)
लगभग बीस वर्ष पूर्व बने रामगढ़ उपखंड कार्यालय भवन की हालत देख आमजन की चिंता बढ़ गई है। उपखण्ड कार्यालय के मुख्य दरवाजे के समीप दीवार के साथ करीब डेढ़ फीट व्यास का गड्डा बन गया है। इसी गड्ढे में सिविल कोर्ट एवं एसडीएम कोर्ट परिसर का जमा बरसात का हजारों लीटर पानी समा गया है।
कार्यालय की नींव में इतनी बड़ी मात्रा में पानी समा जाने से भवन के खतरे को देखते हुए गुरुवार को दोपहर बाद रामगढ़ बार एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
बार एसोसिएशन के एडवोकेट संजीव अरोड़ा, धर्मपाल, अमित कसोटिया, रघुवीर कसाना, राजू सांवरिया, राजकुमार यादव, दिनेश शर्मा, राकेश यादव, संजय वर्मा, मनीष पोसवाल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष चरणजीत सिंह और अन्य वकीलों ने बताया कि पिछले एक महीने में कई बार इस गड्ढे के बारे में पूर्व एसडीएम को अवगत कराया था लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया ।
गुरूवार को हुई तेज बारिश के बाद कोर्ट परिसर में जमा पानी इस गड्ढे से सीधे भवन की नींव में समा गया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चरणजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में वर्तमान एसडीएम अनिल कुमार मीना से भी बात की गई, लेकिन उनकी कार्यशैली और भाषा संतोष जनक नहीं लगी।
एक तरफ हाल ही में झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से बच्चों की हुई मौत के बाद सरकार के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी स्कूल भवनों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, लेकिन भ्रष्टाचार देखरेख के अभाव के कारण कुल बीस पच्चीस वर्ष पूर्व बने सरकारी भवों की दुर्दशा से अधिकारी अनभिज्ञ दिखाई दे रहे हैं। जबकि लोगों के निजी भवन सौ साल बाद आज भी सुरक्षित खड़े हैं।
एसडीएम अनिल मीना ने बताया-उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही कार्यभार संभाला है और स्वीकार किया कि भवन की नींव में बड़ी मात्रा में पानी गया है। इस बारे में नगरपालिका को इस गड्ढे को भरने एवं जल निकासी व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है।

